ट्रकों से डीजल चोरी कर बेचने का आरोप, डाला के हार्ड मिक्स प्लांट के पास चोपन पुलिस की छापेमारी; चोरी और भंडारण में इस्तेमाल उपकरण भी बरामद
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में ट्रकों से डीजल चोरी कर उसका अवैध कारोबार करने वाले गिरोह का चोपन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने डाला स्थित हार्ड मिक्स प्लांट के पास छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से करीब 340 लीटर डीजल बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ट्रकों से डीजल निकालकर उसे ड्रमों में जमा करते थे और बाद में बेच देते थे। मौके से डीजल चोरी और उसके भंडारण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की इस कार्रवाई में डीजल से भरे चार ड्रमों के अलावा खाली ड्रम, बाल्टियां, तेल की कुप्पी, पाइप, ट्रकों की टंकी के ढक्कन और एक ट्रक का फिल्टर भी मिला है। बरामद सामान से पुलिस को डीजल निकालने और उसे जमा करने के कथित तरीके की जांच में मदद मिल सकती है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से इस गतिविधि में शामिल थे और चोरी का डीजल किन लोगों को बेचा जाता था।
चार नवंबर की रात हार्ड मिक्स प्लांट के पास छापेमारी
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चोपन पुलिस को डाला क्षेत्र में ट्रकों से डीजल चोरी कर अवैध रूप से बेचने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चार नवंबर 2026 की रात करीब 11 बजकर 43 मिनट पर डाला चढ़ाई स्थित हार्ड मिक्स प्लांट के पास छापेमारी की।
पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार निवासी शिव कुमार विश्वकर्मा और वाराणसी निवासी प्रहलाद पाण्डेय के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी हार्ड मिक्स प्लांट, डाला चढ़ाई के पास रह रहे थे। तलाशी के दौरान उनके कब्जे और मौके से बड़ी मात्रा में डीजल तथा उसे रखने और निकालने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रकों से डीजल चोरी कर उसे एक स्थान पर इकट्ठा करते थे। इसके बाद जमा किए गए डीजल को बेचने का काम किया जाता था। हालांकि, चोरी किए गए डीजल की कुल अवधि, संबंधित ट्रकों की संख्या और खरीदारों के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
चार ड्रमों में मिला 340 लीटर डीजल
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल करीब 340 लीटर डीजल बरामद किया। इसमें 100 लीटर क्षमता वाले तीन प्लास्टिक ड्रमों में लगभग 300 लीटर डीजल भरा हुआ था। इसके अलावा 50 लीटर क्षमता वाले एक अन्य ड्रम में करीब 40 लीटर डीजल रखा मिला। इस तरह चार ड्रमों में जमा कुल डीजल की मात्रा 340 लीटर बताई गई है।
डीजल के साथ पुलिस ने 200 लीटर क्षमता वाले दो खाली प्लास्टिक ड्रम भी बरामद किए। इसके अलावा एक लोहे का ड्रम, चार खाली बाल्टियां और तेल रखने की कुप्पी मिली है। पुलिस ने मौके से पाइप भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल डीजल निकालने या एक बर्तन से दूसरे बर्तन में स्थानांतरित करने के लिए किए जाने की आशंका है।
बरामद सामान में ट्रकों की टंकी के दो ढक्कन और एक ट्रक का फिल्टर भी शामिल है। इन उपकरणों की मौजूदगी को पुलिस डीजल चोरी के कथित तरीके से जोड़कर देख रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि बरामद ढक्कन और फिल्टर किन वाहनों के हैं तथा उनका इस मामले से क्या संबंध है।
ट्रकों से डीजल निकालकर बेचने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी ट्रकों से डीजल चोरी कर उसे ड्रमों में जमा करते थे। इसके बाद चोरी किए गए डीजल को बेचकर अवैध कमाई की जाती थी। डाला क्षेत्र में हार्ड मिक्स प्लांट के पास से आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में डीजल की बरामदगी के बाद पुलिस इस कथित कारोबार की पूरी कार्यप्रणाली का पता लगाने में जुटी है।
ट्रकों से डीजल चोरी होने की घटनाएं वाहन मालिकों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती हैं। भारी वाहनों की टंकियों से ईंधन निकालकर उसे खुले बाजार में बेचने से न केवल वाहन मालिकों को नुकसान होता है, बल्कि ईंधन की अवैध खरीद-बिक्री का नेटवर्क भी तैयार हो सकता है। इस मामले में पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास चोरी का डीजल खरीदने वाले लोग कौन थे और इसकी सप्लाई किन स्थानों पर की जाती थी।
हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से किसी खरीदार, अन्य सहयोगी या बड़े नेटवर्क की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस गतिविधि में दोनों आरोपियों के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज
इस मामले में चोपन थाने में मुकदमा अपराध संख्या 415/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई कर रही है। बरामद डीजल और उपकरणों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डीजल किन ट्रकों से निकाला गया था, चोरी की घटनाएं कब-कब हुईं और बरामद सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था। इसके साथ ही आरोपियों के संपर्कों और डीजल की बिक्री से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी गुप्ता के नेतृत्व में चोपन पुलिस टीम ने की। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य फोकस डीजल चोरी के कथित नेटवर्क और उसके खरीदारों की पहचान पर है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस बरामदगी और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से डीजल के साथ चोरी और भंडारण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की बरामदगी भी की गई।