जालौन। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर बुधवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रक चालक और क्लीनर की जान चली गई। एटा से ईंटें लादकर हमीरपुर के राठ जा रहा ट्रक किलोमीटर संख्या 209 के पास अनियंत्रित होकर एक्सप्रेस-वे से नीचे जा गिरा। हादसे के बाद ट्रक में भीषण आग लग गई। केबिन में फंसे चालक और क्लीनर को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। दोनों की आग में जलने से मौत हो गई। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों के जले हुए शवों के अवशेष बाहर निकाले जा सके।
हादसा जालौन जिले में सहाव गांव के पास छिरिया मलकपुरा चौकी क्षेत्र में हुआ। ट्रक में बड़ी मात्रा में ईंटें लदी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन अनियंत्रित होने के बाद एक्सप्रेस-वे की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरा। गिरने के दौरान ट्रक में लदी ईंटें खिसककर केबिन की ओर आ गईं और केबिन का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसी बीच ट्रक बिजली की केबलों से भी टकराया। पुलिस को आशंका है कि केबलों से टकराने के बाद शॉर्ट सर्किट हुआ और वाहन में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने ट्रक के अगले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
किलोमीटर 209 के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, ट्रक एटा से ईंटें लादकर हमीरपुर जिले के राठ की ओर जा रहा था। बुधवार तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच वाहन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर किलोमीटर संख्या 209 के आसपास पहुंचा। इसी दौरान ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। ट्रक रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरा और पुल के निचले हिस्से में फंस गया। हादसे की आवाज और आग की लपटें देखकर आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों ने पुलिस और आपातकालीन सहायता को सूचना दी।
प्रत्यक्षदर्शी और साथ चल रहे दूसरे ट्रक के चालक अवधेश कुमार ने बताया कि हादसे के समय तीन वाहन साथ चल रहे थे। उनके मुताबिक, अचानक ट्रक अनियंत्रित हुआ और एक्सप्रेस-वे से नीचे जा गिरा। शुरुआती तौर पर आशंका जताई गई कि चालक को झपकी आने के कारण वाहन से नियंत्रण हट गया होगा। हालांकि, पुलिस ने इसे हादसे का संभावित कारण बताया है। दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
ईंटें केबिन में घुसीं, बाहर निकलने का रास्ता बंद
हादसे की भयावहता इस बात से समझी जा सकती है कि ट्रक के नीचे गिरते ही उसमें लदी ईंटें अपनी जगह से खिसक गईं। झटके के कारण ईंटें केबिन की ओर आ गईं और अंदर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इससे चालक और क्लीनर केबिन में फंस गए। इसी दौरान ट्रक बिजली की केबलों से टकराया। पुलिस की प्रारंभिक आशंका है कि केबलों से संपर्क के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ होगा, जिसके बाद आग भड़क उठी।
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में ट्रक का अगला हिस्सा लपटों से घिर गया। केबिन में ईंटें फंसी होने और आग के विकराल रूप लेने के कारण दोनों लोगों के बाहर निकलने की संभावना खत्म हो गई। दमकल और बचाव दल के पहुंचने तक ट्रक बुरी तरह जल चुका था। हादसे में दोनों की मौत हो गई।
सात घंटे तक चला बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की बचाव टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले ट्रक में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। आग बुझने के बाद भी राहत-बचाव कार्य आसान नहीं था, क्योंकि ट्रक का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और उसमें बड़ी मात्रा में ईंटें फंसी हुई थीं।
रेस्क्यू टीम को शवों तक पहुंचने के लिए ट्रक के मलबे और ईंटों को हटाना पड़ा। इसके लिए मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद ली गई। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद दोनों मृतकों के जले हुए अवशेष बाहर निकाले जा सके। शव बुरी तरह जल चुके थे, जिसके कारण उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। साथ चल रहे वाहन चालकों और ट्रक से जुड़े लोगों की मदद से मृतकों की पहचान की गई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एटा और फिरोजाबाद के रहने वाले थे मृतक
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान चालक राजकुमार और क्लीनर सचिन कुमार के रूप में हुई है। राजकुमार एटा जिले के निधौली कलां थाना क्षेत्र के नगला सेवा चौकी के निवासी थे। उनके पिता का नाम हुंदीलाल बताया गया है। वहीं, क्लीनर सचिन फिरोजाबाद जिले के एका थाना क्षेत्र के नगला अकोला के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम कमलेश यादव था।
दोनों ट्रक में सवार होकर एटा से हमीरपुर के राठ की ओर जा रहे थे। ट्रक मालिक अनुज भी फिरोजाबाद जिले के एका थाना क्षेत्र के नगला अकोला के निवासी बताए गए हैं। परिजनों और परिचितों तक हादसे की सूचना पहुंचने के बाद परिवारों में शोक का माहौल है। राजकुमार के परिवार में तीन बेटियां हैं। इस हादसे ने उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है।
हादसे के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने से वाहन अनियंत्रित होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा ट्रक के रेलिंग से टकराने, नीचे गिरने, बिजली की केबलों के संपर्क में आने और आग लगने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि ट्रक किस गति से चल रहा था, हादसे के समय सड़क और पुल की स्थिति कैसी थी तथा आग लगने की वजह क्या रही। वाहन में लदी ईंटों के केबिन की ओर खिसकने से बचाव की स्थिति और गंभीर हो गई। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक्सप्रेस-वे पर भारी वाहनों की सुरक्षा फिर चर्चा में
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी तक वाहन चलाने वाले चालकों की सुरक्षा और सड़क पर सतर्कता की जरूरत को सामने लाता है। लगातार कई घंटे वाहन चलाने, पर्याप्त आराम न मिलने और तड़के के समय नींद का दबाव बढ़ने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। भारी वाहनों में चालक के साथ क्लीनर या अन्य कर्मचारी भी सफर करते हैं, ऐसे में एक छोटी सी चूक कई जिंदगियों को प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी दूरी के वाहन चालकों को पर्याप्त विश्राम लेना चाहिए और नींद या थकान महसूस होने पर वाहन रोक देना चाहिए। एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन की नियमित जांच और सुरक्षित ड्राइविंग भी बेहद जरूरी है। इस हादसे में पुलिस ने झपकी आने की आशंका जताई है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
जालौन में हुए इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। एक ओर ट्रक में लगी आग और क्षतिग्रस्त केबिन के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, वहीं दूसरी ओर सात घंटे की मशक्कत के बाद मिले शवों ने हादसे की भयावहता उजागर कर दी। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
