“कांग्रेस वोट चोरी रैली को लेकर यूपी में तैयारी तेज। 20 नवंबर के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसभाएं होंगी। प्रियंका गांधी ने राजेंद्र पाल गौतम, आराधना मिश्रा और इमरान मसूद को आयोजन के निर्देश दिए।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अब प्रदेश में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति बना रही है। इसके तहत 20 नवंबर के बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में रैलियां आयोजित की जाएंगी। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश इकाई को रैली स्थलों की पहचान करने और जल्द से जल्द तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस की इस रणनीति को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में संगठन को सक्रिय करने और पार्टी के प्रमुख मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने के प्रयास कर रही है। ऐसे में अब वह मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को अपने अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाने की तैयारी में है।
प्रियंका गांधी ने प्रदेश कांग्रेस को सौंपी जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में रैलियों के आयोजन को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश नेतृत्व को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद से जल्द से जल्द रैलियों के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने को कहा है।
निर्देश के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस को अलग-अलग क्षेत्रों में रैली के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने होंगे। इसके साथ ही स्थानीय संगठन, जिला इकाइयों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाकर कार्यक्रमों की तैयारी करनी होगी।
हालांकि, अभी रैलियों की तारीख, स्थान और उनकी संख्या को लेकर विस्तृत कार्यक्रम सामने नहीं आया है। इनका निर्धारण प्रदेश नेतृत्व की ओर से किया जाना है।
दिल्ली की रैली के बाद अब उत्तर प्रदेश पर नजर
कांग्रेस ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ी रैली आयोजित की थी। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी और विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए थे।
इस कार्यक्रम में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग की थी।
अब इसी अभियान को उत्तर प्रदेश तक विस्तार देने की तैयारी है। प्रदेश में होने वाली रैलियों के जरिए कांग्रेस मतदाता सूची, SIR और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहती है। The Indian Express+2
37 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस के सामने संगठन मजबूत करने की चुनौती
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है। पार्टी के सामने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जिलों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की चुनौती है।
ऐसे में प्रदेशव्यापी रैलियों की योजना को केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
रैलियों के माध्यम से पार्टी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी बात रखने और मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों पर जनसंपर्क बढ़ाने की कोशिश करेगी।
महंगाई को लेकर भी भाजपा पर कांग्रेस का हमला
वहीं, कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा है। बुधवार को पार्टी की मीडिया विभाग की उपाध्यक्ष प्रियंका गुप्ता और राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में रसोई गैस की कीमतों में 128 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आटा, चीनी, खाद्य तेल और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ी हैं। उनका आरोप है कि महंगाई का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
पार्टी इस मुद्दे को भी अपने राजनीतिक अभियान में शामिल करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी से संबंधित आंकड़े कांग्रेस नेताओं के दावे हैं।
ई-मेल विवाद पर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने दी सफाई
कांग्रेस के भीतर संगठन और टिकट वितरण को लेकर सामने आए ई-मेल विवाद पर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी सफाई दी है।
उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर कहा कि जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस मजबूत होगी, वैसे-वैसे पार्टी के खिलाफ तरह-तरह के आरोप भी लगाए जाएंगे।
दरअसल, दो दिन पहले पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को ई-मेल के माध्यम से शिकायत मिली थी कि प्रदेश प्रभारी के करीबियों के नाम पर जिला अध्यक्ष का पद दिलाने और विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाने के बदले पैसे मांगे जा रहे हैं।
इस पर राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का टिकट उन्हीं लोगों को मिलेगा जो जनता के बीच सक्रिय हैं और संगठन के लिए काम कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति पर सबकी नजर
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की यह तैयारी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पार्टी एक तरफ वोट चोरी और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाने की योजना बना रही है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई और संगठनात्मक विवादों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर रही है।
20 नवंबर के बाद प्रस्तावित रैलियों के जरिए कांग्रेस प्रदेश के किन जिलों और क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां बढ़ाती है, यह देखना अहम होगा। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता रैली स्थलों का चयन, संगठनात्मक तैयारियां और प्रदेशभर में अभियान को विस्तार देना है।
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