“UP Outsource Employees Salary Hike: उत्तर प्रदेश के 2.72 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा। श्रेणीवार 15,396 से 39,000 रुपये तक मिलेगा पारिश्रमिक। नवंबर में अक्टूबर के वेतन के साथ सितंबर का एरियर भी दिया जाएगा।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दीपावली से पहले प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया गया है। खास बात यह है कि कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय 2 सितंबर 2026 से ही दिया जाएगा। इसके चलते सितंबर महीने का बकाया एरियर भी कर्मचारियों को मिलेगा। नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर के पारिश्रमिक के साथ सितंबर का एरियर भी उनके खातों में भेजा जाएगा।
सरकार के इस फैसले से श्रेणी दो, तीन और चार के कर्मचारियों को विशेष राहत मिलेगी। इन श्रेणियों के पारिश्रमिक में करीब डेढ़ गुने तक की बढ़ोतरी की गई है। नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती के बाद 15,396 रुपये से लेकर 39 हजार रुपये तक प्रतिमाह मिलेंगे।
चार श्रेणियों में तय किया गया नया पारिश्रमिक
शासन की ओर से जारी आदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक का निर्धारण चार श्रेणियों में किया गया है। श्रेणी एक के कर्मचारियों को प्रतिमाह 39 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं श्रेणी दो के कर्मचारियों को सभी निर्धारित कटौतियों के बाद 19,148.76 रुपये, श्रेणी तीन के कर्मचारियों को 16,999.64 रुपये और श्रेणी चार के कर्मचारियों को 15,396.14 रुपये प्रतिमाह प्राप्त होंगे।
श्रेणी एक के कर्मचारियों के पारिश्रमिक में ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती नहीं होगी। अन्य श्रेणियों में कर्मचारी के हिस्से की निर्धारित धनराशि काटने के बाद शेष भुगतान किया जाएगा। सरकार की ओर से नियोक्ता अंशदान और अन्य निर्धारित खर्चों का भुगतान भी किया जाएगा।
दो सितंबर से लागू होगा बढ़ा हुआ मानदेय
प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान की ओर से सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। आदेश के मुताबिक, पारिश्रमिक का निर्धारण पिछले वर्ष 19 सितंबर को जारी शासनादेश के आधार पर किया गया है।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो सितंबर को लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़ी हुई दरों पर पारिश्रमिक देने की शुरुआत की थी। इसी कार्यक्रम को आधार बनाते हुए सरकार ने सभी पात्र आउटसोर्स कार्मिकों को दो सितंबर से ही बढ़ा हुआ पारिश्रमिक देने का निर्णय लिया है।
इस फैसले का फायदा प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में तैनात 2.72 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा।
नवंबर में अक्टूबर के वेतन के साथ मिलेगा सितंबर का एरियर
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि बढ़े हुए पारिश्रमिक का लाभ दो सितंबर से दिया जाएगा। ऐसे में सितंबर महीने के बकाया भुगतान के लिए उन्हें अलग से इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नवंबर में मिलने वाले अक्टूबर महीने के पारिश्रमिक के साथ सितंबर का एरियर भी दिया जाएगा।
इससे कर्मचारियों को एक साथ बढ़े हुए वेतन और बकाया राशि का लाभ मिलेगा। दीपावली से पहले शासनादेश जारी होने से कर्मचारियों में भी राहत की उम्मीद है।
श्रेणीवार कितना मिलेगा पारिश्रमिक?
सरकार की ओर से निर्धारित नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली मासिक धनराशि इस प्रकार है।
श्रेणी एक: इस श्रेणी के कर्मचारियों को प्रतिमाह 39,000 रुपये पारिश्रमिक मिलेगा। इसमें से ईपीएफ और ईएसआइ की कटौती नहीं होगी। सरकार की ओर से 1,501 रुपये सर्विस चार्ज और 390 रुपये यूपीकास सेंटेज का भुगतान भी किया जाएगा।
श्रेणी दो: इस श्रेणी का कुल मासिक पारिश्रमिक 21,947 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें से 2,633.64 रुपये ईपीएफ और 160.60 रुपये ईएसआइ की कटौती होगी। इसके बाद कर्मचारी को 19,148.76 रुपये मिलेंगे। सरकार कर्मचारी के ईपीएफ खाते में 2,633.64 रुपये और ईएसआइ खाते में 713.28 रुपये जमा करेगी। इसके अतिरिक्त 844.96 रुपये सर्विस चार्ज और 219 रुपये यूपीकास सेंटेज का भुगतान होगा।
श्रेणी तीन: इस श्रेणी के कर्मचारियों का कुल मासिक पारिश्रमिक 19,446 रुपये तय किया गया है। इसमें से 2,333.22 रुपये ईपीएफ और 145.85 रुपये ईएसआइ की कटौती होगी। इसके बाद कर्मचारी के हाथ में 16,999.64 रुपये आएंगे। सरकार की ओर से ईपीएफ खाते में 2,333.52 रुपये और ईएसआइ खाते में 632 रुपये जमा किए जाएंगे। इसके अलावा 748.67 रुपये सर्विस चार्ज और 194 रुपये यूपीकास सेंटेज दिया जाएगा।
श्रेणी चार: इस श्रेणी के कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक 17,646 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें से 2,117.52 रुपये ईपीएफ और 132.35 रुपये ईएसआइ की कटौती होगी। इसके बाद कर्मचारी को 15,396.14 रुपये मिलेंगे। सरकार कर्मचारी के ईपीएफ खाते में 2,117.52 रुपये और ईएसआइ खाते में 573.50 रुपये जमा करेगी। साथ ही 679.37 रुपये सर्विस चार्ज और 176 रुपये यूपीकास सेंटेज का भुगतान भी किया जाएगा।
जीएसटी का खर्च भी उठाएगी सरकार
शासनादेश के अनुसार, सभी श्रेणियों के आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी का भार भी सरकार ही उठाएगी। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
प्रमुख सचिव के अनुसार, कर्मचारियों के पारिश्रमिक से काटी जाने वाली ईपीएफ और ईएसआइ की राशि के साथ नियोक्ता की ओर से जमा किए जाने वाले अंशदान को भी जोड़ने पर उन्हें सरकार की ओर से घोषित श्रेणीवार 20 हजार, 22 हजार, 25 हजार और 40 हजार रुपये से अधिक का कुल लाभ मिलेगा।
ईपीएफ खाते में जमा होने वाली धनराशि भविष्य में कर्मचारियों को ही प्राप्त होगी। इसके साथ ही सभी पात्र आउटसोर्स कार्मिकों को सरकार की ओर से घोषित स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं का लाभ भी मिलेगा।
पहले से अधिक पारिश्रमिक पाने वालों के लिए भी स्पष्ट किया नियम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी श्रेणी के आउटसोर्स कर्मचारी को पहले से ही निर्धारित नई दर से अधिक पारिश्रमिक मिल रहा है तो उसके मौजूदा पारिश्रमिक में कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों को पहले से मिल रही अधिक धनराशि यथावत जारी रहेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बढ़ी हुई दरों का लाभ देना और पहले से अधिक पारिश्रमिक पाने वाले कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित रखना है। कुल मिलाकर, योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 2.72 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों को नियमित रूप से मिलने वाले पारिश्रमिक के साथ सामाजिक सुरक्षा और एरियर का भी लाभ मिलेगा।
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