हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोप से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। रविवार को घर के बाहर खेलते समय बच्ची लापता हो गई थी। तलाश के दौरान देर शाम उसका शव कस्बे के पास अरहर के खेत में मिला। परिजनों ने एक युवक पर बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने और हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की। सोमवार तड़के घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के दौरान आरोपी द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग किए जाने के बाद मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। उसे पहले सीएचसी मुस्करा ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस के साथ विवाद और पथराव किया। इस दौरान सीओ राठ सहित पुलिस की कई गाड़ियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने में जुटे रहे।
घर के बाहर खेल रही थी बच्ची
मुस्करा कस्बे में तीन साल की बच्ची रविवार दोपहर अपने घर के बाहर खेल रही थी। परिजनों के मुताबिक, करीब तीन से साढ़े तीन बजे के बीच वह अचानक लापता हो गई। परिवार के लोगों ने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला। इसके बाद आसपास के लोगों और ग्रामीणों की मदद से तलाश तेज की गई।
शाम के समय बच्ची का शव कस्बे से करीब 500 मीटर दूर गहरौली मार्ग के पास अरहर के खेत में मिला। शव मिलने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। परिवार में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
परिजनों ने पड़ोस के युवक पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि बच्ची को बहला-फुसलाकर खेत की तरफ ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई। पुलिस ने इन आरोपों को जांच के दायरे में लेते हुए घटनास्थल को सुरक्षित कराया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बच्ची के पिता की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गईं। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की गई।
खेत में मिला शव, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
बच्ची का शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की जांच में अहम मानी जा रही है। इससे बच्ची की मौत के कारण और शरीर पर मौजूद चोटों से संबंधित चिकित्सकीय तथ्य सामने आएंगे। दुष्कर्म के आरोप की भी चिकित्सकीय और फॉरेंसिक जांच के आधार पर पुष्टि की जाएगी। पुलिस ने फिलहाल मामले के सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा और सीओ राठ राजीव प्रताप सिंह समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार को निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई का भरोसा दिया।
शव उठाने को लेकर रात में हुआ हंगामा
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश था। देर रात जब पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया तो परिजन विरोध करने लगे। पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक हुई।
परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। मौके पर मौजूद महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने भी पुलिस के सामने अपना आक्रोश जताया। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने परिवार और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद शव को मोर्चरी भेजा जा सका।
इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पुलिस वाहनों को निशाना बनाया। रिपोर्टों के मुताबिक सीओ राठ की गाड़ी के अलावा राठ, जलालपुर और बिवांर थानों तथा यूपी-112 की कुछ गाड़ियों के शीशे भी पथराव में क्षतिग्रस्त हुए। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को नियंत्रित किया और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के बाद घटनास्थल पर ले गई पुलिस
पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाने के लिए सोमवार तड़के उसे घटनास्थल पर ले जाया गया। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पहले से छिपाकर रखे गए अवैध हथियार से पुलिस टीम पर गोली चला दी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने मौके से हथियार बरामद किए जाने की बात भी कही है।
मुठभेड़ में घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुस्करा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। आरोपी की चिकित्सकीय स्थिति और आगे की कार्रवाई पुलिस की निगरानी में है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस के मुताबिक हुई मुठभेड़ और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं। आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
पुलिस पर फायरिंग को लेकर जांच
मुठभेड़ के बाद पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने हथियार घटनास्थल पर कब और कहां छिपाया था। पुलिस के मुताबिक हथियार पहले से वहां छिपाकर रखा गया था। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी को हथियार कहां से मिला और उसे घटनास्थल पर छिपाने का उद्देश्य क्या था।
पुलिस फायरिंग की घटना से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी दर्ज करेगी। बरामद हथियार की जांच, मौके से मिले साक्ष्य और पुलिस टीम की कार्रवाई की प्रक्रिया विवेचना का हिस्सा होगी। इसके साथ ही मूल अपराध से जुड़े साक्ष्यों को भी अलग-अलग स्तर पर जांचा जा रहा है।
पुलिस का पूरा प्रयास यह पता लगाने पर है कि बच्ची को घर के बाहर से खेत तक कैसे ले जाया गया, वारदात किस परिस्थिति में हुई और घटना के बाद आरोपी ने क्या कदम उठाए।
ग्रामीणों का आक्रोश और कानून-व्यवस्था की चुनौती
मासूम बच्ची की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना को लेकर लोगों में पहले से तनाव था और शव उठाने को लेकर हुए विवाद के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की घटना ने कानून-व्यवस्था के सामने अतिरिक्त चुनौती खड़ी कर दी।
अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया है। क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो। पुलिस ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसी संवेदनशील वारदात के बाद परिवार और ग्रामीणों के आक्रोश को किस तरह नियंत्रित किया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो और कानून-व्यवस्था भी बनी रहे। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता एक तरफ बच्ची की मौत की पूरी सच्चाई सामने लाना है और दूसरी तरफ हिंसा या तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करना है।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट होगी अहम
इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। चिकित्सकीय रिपोर्ट से मौत के कारण और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि में मदद मिलेगी।
दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि भी मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। अभी तक उपलब्ध जानकारी में परिजनों के आरोप और पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई सामने आई है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाना उचित होगा।
बच्ची की उम्र महज तीन वर्ष होने के कारण मामला बेहद संवेदनशील है। ऐसे मामलों में पुलिस के सामने साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और आरोपी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हुई पुलिस मुठभेड़ में उसके घायल होने की भी पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है। अब पुलिस मूल घटना की विवेचना के साथ-साथ मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों को भी रिकॉर्ड करेगी।
बच्ची के परिवार की ओर से कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं ग्रामीणों के आक्रोश और पुलिस वाहनों में हुई तोड़फोड़ के बाद कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की संभावना है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपों को न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम रूप मिलेगा। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
