जालौन के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। शनिवार को उन्हें केस की फाइल के संबंध में बातचीत के बहाने कालपी के दुर्गा मंदिर चौराहे पर बुलाया गया था। वहां बिना नंबर प्लेट की कार में सवार लोग उन्हें अपने साथ लेकर चले गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने और मोबाइल बंद मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। रातभर चली जांच के बाद रविवार सुबह कानपुर के गुजैनी क्षेत्र की नहर से उनका शव बरामद किया गया।
पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। शुरुआती जांच में हत्या की वजह जमीन से जुड़े पुराने विवाद को माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक पुराने मुकदमों और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य लोगों और हत्या के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने के लिए पूछताछ और जांच जारी है।
फाइल के बहाने बुलाया गया था
कालपी के कागजीपुरा निवासी गयादीन अहिरवार शनिवार को न्यायिक कार्य के सिलसिले में उरई गए थे। काम निपटाने के बाद वह वापस कालपी लौटे। शाम के समय वह अपने बेटे हर्ष के साथ स्कूटी से दुर्गा मंदिर चौराहे पहुंचे। परिवार की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, गयादीन ने बेटे से कहा था कि वहां उनका एक मुवक्किल इंतजार कर रहा है।
दुर्गा मंदिर चौराहे पर एक सफेद स्विफ्ट डिजायर कार खड़ी थी। उसमें तीन लोग मौजूद बताए गए हैं। बेटे के मुताबिक, कार से एक व्यक्ति नीचे उतरा और उसने गयादीन के पैर छुए। इसके बाद बातचीत करते हुए उन्हें कार में बैठने के लिए कहा गया। गयादीन उनके साथ कार में बैठ गए और वाहन उरई की दिशा में निकल गया। बाद में परिजनों को संदेह हुआ तो उन्होंने फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।
पुलिस के अनुसार, जिस नंबर से गयादीन को बुलाया गया था, वह भी बाद में स्विच ऑफ हो गया। बेटे ने कार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वाहन का पता नहीं चल सका। इसके बाद परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की और पुलिस को जानकारी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और संदिग्ध वाहन तथा उसमें सवार लोगों की पहचान के प्रयास किए गए। पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के निर्देशन में अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया गया।
कानपुर की नहर से बरामद हुआ शव
रविवार सुबह पुलिस को कानपुर के गुजैनी क्षेत्र में नहर में शव पड़े होने की सूचना मिली। जांच के दौरान शव की पहचान गयादीन अहिरवार के रूप में हुई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
शव मिलने की सूचना कालपी पहुंचते ही अधिवक्ता समुदाय और परिवार में हड़कंप मच गया। शनिवार तक जहां परिजन उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे थे, वहीं रविवार सुबह उनकी हत्या की पुष्टि होने से माहौल गमगीन हो गया।
पुलिस ने शव बरामदगी के बाद हत्या की जांच को आगे बढ़ाते हुए हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ तेज कर दी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जमीन विवाद को माना जा रहा हत्या का कारण
जालौन पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद हत्या की वजह के तौर पर सामने आया है। हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुराने मुकदमों और लेनदेन से जुड़े विवादों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस की जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गयादीन को फोन किसने किया था, उन्हें दुर्गा मंदिर चौराहे तक बुलाने की योजना कैसे बनाई गई और कार में मौजूद लोगों का उनसे क्या संबंध था। इसके अलावा घटना के बाद शव को कानपुर तक ले जाने और नहर में फेंकने में किन लोगों की भूमिका रही, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
कुछ रिपोर्टों में पुलिस पूछताछ के आधार पर हत्या के तरीके और कथित साजिश से जुड़े अतिरिक्त विवरण सामने आए हैं, लेकिन इन तथ्यों की जांच अभी जारी है। इसलिए पुलिस की अंतिम जांच और आधिकारिक खुलासे से पहले किसी आरोपी की भूमिका या हत्या की पूरी साजिश को अंतिम तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष थे गयादीन
गयादीन अहिरवार कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष थे और हालिया चुनाव में चौथी बार इस पद के लिए चुने गए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह लंबे समय से कालपी में वकालत कर रहे थे और सिविल तथा आपराधिक मामलों की पैरवी करते थे।
उनकी हत्या की खबर से कालपी के अधिवक्ताओं में शोक और आक्रोश का माहौल है। बार एसोसिएशन से जुड़े लोगों के लिए यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मृतक संगठन के निर्वाचित अध्यक्ष थे। अधिवक्ताओं की ओर से मामले में जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या की पूरी वजह सामने लाने की मांग की जा रही है।
पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी है, वहीं दूसरी ओर हत्या के पीछे वास्तविक विवाद और उसकी पूरी पृष्ठभूमि सामने लानी है। यदि जमीन विवाद ही मुख्य कारण साबित होता है तो पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि विवाद कब से चल रहा था और इस विवाद का घटना से क्या सीधा संबंध था।
जांच में कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इस हत्याकांड में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जांच से सामने आने बाकी हैं। गयादीन को फोन करने वाला व्यक्ति कौन था? क्या वह उनका परिचित था? उन्हें चौराहे पर बुलाने की योजना किसने बनाई? कार में मौजूद लोगों ने किस आधार पर उन्हें अपने साथ बैठाया? कार बिना नंबर प्लेट की क्यों थी? अपहरण के बाद उन्हें किस रास्ते से कानपुर ले जाया गया? और हत्या के बाद शव को नहर तक कैसे पहुंचाया गया?
इन सवालों के जवाब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की तकनीकी जांच, कॉल डिटेल, संदिग्धों से पूछताछ और अन्य भौतिक साक्ष्यों से तलाशे जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल वाहन किसका था और उसे कहां से लाया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही घटना का विस्तृत खुलासा किया जाएगा। फिलहाल जांच को प्राथमिकता देते हुए हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
कार बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस की जांच में वारदात में इस्तेमाल कार और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी भी अहम मानी जा रही है। कुछ रिपोर्टों में पुलिस टीम द्वारा संदिग्धों की निशानदेही पर वाहन बरामद करने के प्रयास के दौरान मुठभेड़ की जानकारी दी गई है, जिसमें दो संदिग्धों के घायल होने की बात कही गई है। इस घटनाक्रम के संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस अब हत्या, अपहरण और कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं को एक साथ जोड़कर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और शरीर पर चोटों की स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। इसके साथ ही फॉरेंसिक जांच से घटनास्थल और वारदात में इस्तेमाल वस्तुओं से जुड़े साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
कानून के मुताबिक हिरासत या गिरफ्तारी अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती। मामले में पुलिस की जांच, साक्ष्य, आरोपपत्र और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना में शामिल सभी लोगों तक पहुंचना और हत्या की पूरी कड़ी को सामने लाना है।
परिवार और अधिवक्ता समुदाय में शोक
गयादीन अहिरवार की हत्या की खबर से परिवार में शोक की स्थिति है। जिस व्यक्ति को शनिवार शाम तक परिजन तलाश रहे थे, उसका शव रविवार सुबह कानपुर में मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अधिवक्ता समुदाय भी घटना से स्तब्ध है।
कालपी में बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हत्या ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। इस घटना में पीड़ित को पहले बातचीत के बहाने सार्वजनिक स्थान पर बुलाया गया और इसके बाद उन्हें कार में बैठाकर ले जाया गया। ऐसे में पुलिस के लिए यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि वारदात की योजना कितने समय पहले बनाई गई थी और क्या आरोपियों ने पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी थी।
फिलहाल इस हत्याकांड की जांच जारी है। पुलिस जमीन विवाद, पुराने मुकदमों, लेनदेन और अन्य संभावित कारणों को जोड़कर घटना की पृष्ठभूमि खंगाल रही है। आने वाले समय में आरोपियों की गिरफ्तारी, वाहन और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी तथा पुलिस के आधिकारिक खुलासे से मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
