बांदा। चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. की अध्यक्षता में परिक्षेत्रीय कार्यालय बांदा में अपराध एवं कानून-व्यवस्था को लेकर मासिक समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में परिक्षेत्र के सभी चार जनपदों में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
गोष्ठी में बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल, चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक और महोबा के पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह मौजूद रहे। डीआईजी ने अधिकारियों से जनपदवार कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की ओर से किए जा रहे निरोधात्मक एवं प्रभावी कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली।
धनतेरस और दीपावली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
आगामी धनतेरस और दीपावली पर्व को देखते हुए बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की विशेष समीक्षा की गई। डीआईजी राजेश एस. ने सभी जनपदों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से व्यापक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने बाजारों, सर्राफा बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, प्रमुख खरीदारी स्थलों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए। साथ ही इन क्षेत्रों में लगातार फुट पेट्रोलिंग और प्रभावी गश्त कराने पर जोर दिया गया, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
दीपावली के दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए पुलिस को भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी रखने और आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल बढ़ाने को कहा गया।
डीआईजी ने अधिकारियों से कहा कि त्योहार से पहले ही स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर ली जाए और ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां अधिक भीड़ जुटने की संभावना रहती है। बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।
पटाखा दुकानों और आतिशबाजी स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन
दीपावली के दौरान अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए पटाखा दुकानों और आतिशबाजी स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने निर्देश दिया कि संबंधित स्थानों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पटाखा बिक्री और आतिशबाजी से जुड़े स्थानों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि किसी भी संभावित जोखिम वाले स्थान पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट की निगरानी के निर्देश
त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया के जरिए अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलने की आशंका को देखते हुए डीआईजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भ्रामक, आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट सामने आने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं की निगरानी के साथ तथ्यों की पुष्टि करने पर भी जोर दिया गया। किसी अफवाह के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक होने पर तत्काल पुलिस कार्रवाई और जनजागरूकता के उपाय किए जाने के निर्देश दिए गए।
धर्मगुरुओं और व्यापार मंडलों से समन्वय बनाए रखने पर जोर
डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को स्थानीय धर्मगुरुओं, व्यापार मंडलों और शांति समितियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। त्योहार के दौरान आपसी सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर संवाद को महत्वपूर्ण बताया गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय लोगों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से संपर्क बनाए रखा जाए। किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में समय रहते संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाए।
अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की भी समीक्षा
मासिक समीक्षा गोष्ठी में परिक्षेत्र के जनपदों में माह के प्रमुख अपराधों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से गंभीर अपराधों में की गई कार्रवाई, विवेचना की प्रगति और अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी ली गई।
बैठक में हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन और गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों को लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने और आवश्यकतानुसार संबंधित टीमों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
यक्ष ऐप और पुलिस तकनीक की समीक्षा
गोष्ठी में यक्ष ऐप के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पुलिस व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल और उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही सीसीटीएनएस के कामकाज, ई-साक्ष्य के इस्तेमाल और विवेचनाओं में तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेजी से आगे बढ़ाने और मामलों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिला सुरक्षा की समीक्षा
बैठक में मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों की भी समीक्षा की गई। महिला संबंधी शिकायतों पर पुलिस की प्रतिक्रिया, जनसुनवाई और पीड़ितों की शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनसुनवाई की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और शिकायतों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण करने पर जोर दिया गया।
साइबर अपराध और एनडीपीएस मामलों पर भी नजर
समीक्षा बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम और उनसे जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई और लोगों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा एनडीपीएस से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने तथा संबंधित मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ऑपरेशन कन्विक्शन और मीडिया रिस्पॉन्स की भी समीक्षा
गोष्ठी में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की जा रही कार्रवाई की स्थिति पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों से ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी और अभियोजन के साथ समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में मामलों की मजबूत पैरवी सुनिश्चित हो सके।
मीडिया रिस्पॉन्स व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। पुलिस से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाओं और कार्रवाई की जानकारी को उचित माध्यम से उपलब्ध कराने तथा संवेदनशील मामलों में तथ्यात्मक जानकारी साझा करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान डीआईजी राजेश एस. ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी धनतेरस और दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न हो। बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, सोशल मीडिया पर नजर बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित करने को प्राथमिकता दी जाए।
समीक्षा गोष्ठी में अपराध नियंत्रण से लेकर महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की रोकथाम, लंबित विवेचनाओं और तकनीकी पुलिसिंग तक विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को त्योहार के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के साथ नियमित कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के निर्देश दिए।