“लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में 16 प्रस्ताव पारित हुए। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रस्ताव रखा और ब्रजेश पाठक ने अनुमोदन किया। बैठक में अमित शाह की मौजूदगी में मिशन 2027, विकास, रोजगार और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा हुई।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे सत्र में कुल 16 प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों में प्रदेश सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, रोजगार, किसानों, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे। दूसरे सत्र में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसका अनुमोदन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। इस दौरान पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल भी मंच पर मौजूद रहीं। कार्यसमिति के प्रस्तावों में भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य दोहराया।
2017 से प्रदेश में बदलाव का दावा, 2027 में तीसरी बार सरकार बनाने का संकल्प
कार्यसमिति के प्रस्ताव में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2014 से परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई और 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश विकास की राह पर आगे बढ़ा। प्रस्ताव के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2022 में भाजपा ने दूसरी बार सरकार बनाई।
भाजपा ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता ने सपा, बसपा और कांग्रेस जैसे दलों को नकार दिया था। अब पार्टी को उम्मीद है कि 2027 में प्रदेश की जनता उसे तीसरी बार जनादेश देगी। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर भी उनका अभिनंदन किया गया। इसमें 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर प्रधानमंत्री पद तक की उनकी राजनीतिक यात्रा को राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण अध्याय बताया गया।
12.88 लाख करोड़ से 32 लाख करोड़ रुपये तक अर्थव्यवस्था पहुंचने का दावा
भाजपा कार्यसमिति में प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाई गईं। प्रस्ताव में कहा गया कि जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी थी, तब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 12.88 लाख करोड़ रुपये की थी। पार्टी के मुताबिक, करीब दस वर्षों में यह बढ़कर लगभग 32 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गई है।
प्रस्ताव में वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया गया। भाजपा ने कहा कि औद्योगिक विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे में किए गए काम प्रदेश की आर्थिक प्रगति का आधार बने हैं।
एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट को विकास की बड़ी उपलब्धि बताया
कार्यसमिति के प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में हुए बदलाव का विशेष उल्लेख किया गया। भाजपा ने कहा कि पहले कमजोर सड़क व्यवस्था, अधूरी परियोजनाओं और कनेक्टिविटी की कमी के कारण औद्योगिक विकास प्रभावित होता था। डबल इंजन सरकार ने एक्सप्रेस-वे और अन्य परिवहन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश की तस्वीर बदलने का प्रयास किया है।
प्रस्ताव में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इन परियोजनाओं से आवागमन आसान हुआ है और औद्योगिक क्लस्टरों के विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। इसके साथ ही नए हवाई अड्डों और मौजूदा एयरपोर्ट के विस्तार को भी प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत करने वाला कदम बताया गया।
50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आने का दावा
भाजपा ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और औद्योगिक निवेश को भी अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया। प्रस्ताव के अनुसार, रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, डेटा सेंटर, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
पार्टी ने दावा किया कि इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि 7.5 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग जल्द प्रस्तावित है। रक्षा गलियारे को लेकर भी प्रस्ताव में लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा और अलीगढ़ का उल्लेख किया गया। भाजपा के मुताबिक, ये शहर रक्षा उत्पादन के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।
9.71 लाख करोड़ रुपये के बजट का भी जिक्र
कार्यसमिति के प्रस्ताव में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को प्रदेश के विकास की प्राथमिकताओं से जोड़कर पेश किया गया। इसमें बताया गया कि मूल बजट में करीब 9.12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसके बाद लगभग 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लाया गया, जिससे कुल बजट का आकार करीब 9.71 लाख करोड़ रुपये हो गया।
भाजपा ने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। पार्टी का दावा है कि विकास योजनाओं का लाभ बड़े शहरों के साथ गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति को बताया अहम उपलब्धि
भाजपा कार्यसमिति ने कानून-व्यवस्था को प्रदेश के विकास और निवेश के लिए जरूरी बताया। प्रस्ताव में कहा गया कि उद्योगों को निवेश के लिए भरोसेमंद माहौल और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
पार्टी ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि संगठित अपराध और माफिया गिरोहों पर कार्रवाई की गई है। महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को नशे और अपराध से बचाने, साइबर अपराध के प्रति जागरूकता और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने से जुड़े प्रयासों को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया।
विपक्ष पर निशाना, ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ का नारा
कार्यसमिति के प्रस्ताव में विपक्ष की राजनीति पर भी सवाल उठाए गए। भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के मुद्दों से दूर होकर राजनीतिक अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है। प्रस्ताव में कहा गया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्ता में आने के बजाय विपक्ष की ओर से रिजीम चेंज जैसी बातें की जा रही हैं।
भाजपा ने संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के संकल्प को जनता के बीच ले जाने की बात कही। पार्टी ने इसे विपक्ष की कथित राजनीति के खिलाफ अपने अभियान का हिस्सा बताया।
किसानों के लिए भुगतान और खाद्यान्न उत्पादन का उल्लेख
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि को लेकर भी भाजपा ने प्रस्ताव में कई दावे किए। पार्टी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में किसानों की आय, सिंचाई, कृषि लागत, फसल के उचित मूल्य और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों पर ध्यान दिया गया है।
प्रस्ताव में खाद्यान्न उत्पादन और कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ने का दावा किया गया। गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर भाजपा ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक किसानों के बैंक खातों में 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल होने का भी उल्लेख किया गया।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय पर जोर
भाजपा ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। प्रस्ताव में कहा गया कि प्रदेश में महिला थानों की व्यवस्था शुरू की गई और पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
पार्टी ने दावा किया कि पुलिस में महिलाओं की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हो गई है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का भी जिक्र किया गया।
इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्गों और वंचित समुदायों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को सामाजिक न्याय की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में पेश किया गया। प्रस्ताव में इन वर्गों के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग और परीक्षा शुल्क में छूट का उल्लेख भी किया गया।
शिक्षकों, कर्मचारियों और पत्रकारों के लिए कैशलेस इलाज का जिक्र
कार्यसमिति के प्रस्ताव में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को भी शामिल किया गया। भाजपा ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों तथा कर्मचारियों को प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक के सालाना कैशलेस इलाज की सुविधा देने की योजना लागू की गई है।
इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक तथा सरकारी अस्पतालों में बिना वित्तीय सीमा के कैशलेस इलाज की सुविधा का उल्लेख किया गया। वकीलों और मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी दिए जाने की बात कही गई।
काशी से कुशीनगर तक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख
भाजपा ने विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल किया। प्रस्ताव में काशी कॉरिडोर, चित्रकूट के रामघाट, कुशीनगर की परिनिर्वाण स्थली और मथुरा का उल्लेख किया गया।
पार्टी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित पौराणिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन का काम कर रही हैं।
करीब 10 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा
रोजगार के मुद्दे पर भाजपा ने प्रस्ताव में दावा किया कि पिछले लगभग दस वर्षों में प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों में करीब 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इनमें 2.80 लाख नौकरियां महिलाओं को मिलने की बात कही गई।
प्रस्ताव में कहा गया कि आने वाले कुछ सप्ताहों में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में हजारों पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भी दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की बात कही गई।
भाजपा ने प्रदेश की बेरोजगारी दर को लेकर भी दावा किया कि यह 2016-17 के 18 प्रतिशत से घटकर 2.4 प्रतिशत रह गई है।
MLC चुनाव में जीत का जिक्र, विजयी प्रत्याशियों को बधाई
प्रदेश कार्यसमिति में हाल ही में संपन्न शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनावों का भी उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि इन चुनावों में भाजपा ने छह सीटों पर जीत हासिल की है। कार्यसमिति ने विजयी शिक्षक और स्नातक विधान परिषद सदस्यों को बधाई दी।
पार्टी ने इन परिणामों को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं के मनोबल और राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से अहम माना।
2027 के लिए भाजपा ने तय किया लक्ष्य
कार्यसमिति के प्रस्तावों का राजनीतिक संदेश साफ तौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा रहा। भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी को अपना लक्ष्य बताया। प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश में विकास और सुशासन के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी।
साथ ही समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों पर प्रचार और राजनीतिक आरोपों के जरिए भ्रम फैलाने का आरोप लगाया गया। भाजपा ने कहा कि वह सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएगी तथा विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी।
कुल मिलाकर लखनऊ में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पारित 16 प्रस्तावों के जरिए भाजपा ने सरकार के दस साल के कामकाज का राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड पेश किया। बैठक ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पार्टी अब 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर विकास, संगठन और विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक अभियान को तेज करने की तैयारी में है।
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