आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान के दौरान हुई कथित अनियमितताओं पर भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान निगरानी और व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही के आरोप में छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 21 अन्य मतदान और पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को भेजे गए निर्वाचन आयोग के पत्र के मुताबिक, यह कार्रवाई आगरा के मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। आयोग ने कहा कि पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी मतदान केंद्रों के भीतर और आसपास प्रभावी निगरानी तथा उचित नियंत्रण बनाए रखने में विफल रहे। आयोग ने इसे गंभीर कर्तव्यहीनता माना है।
दो सेक्टर मजिस्ट्रेट और चार पुलिस अधिकारी निलंबित
निलंबन की कार्रवाई में दो सेक्टर मजिस्ट्रेट और चार पुलिस अधिकारी शामिल हैं। आयोग के निर्देश के अनुसार, सैंया क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 21 पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरिशरण सिंह और एत्माद्दौला थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इसी तरह फतेहाबाद के मतदान केंद्र संख्या 26 पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, अतिरिक्त निरीक्षक पुरुषोत्तम पाल और एकता थाने के सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र तैयार करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करने को कहा है। अधिकारियों को आरोपपत्र के मसौदे आयोग के समक्ष जांच के लिए भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
21 अन्य कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई
छह अधिकारियों के निलंबन के अलावा मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 पर तैनात 21 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इनमें पांच मतदान अधिकारी और 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
पांच मतदान अधिकारियों में दो पीठासीन अधिकारी और तीन मतदान अधिकारी हैं। वहीं, 16 पुलिसकर्मियों में पांच हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबल शामिल हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।
तीन मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्र संख्या 20, 21 और 26 पर पहले हुए मतदान को निरस्त कर दोबारा मतदान कराने का निर्देश दिया।
सोमवार, 26 अक्टूबर को इन तीनों मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया। इसके बाद पर्यवेक्षण में कथित चूक के मामले में छह अधिकारियों के निलंबन और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग और अन्य अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि, आरोपों और जांच में सामने आई प्रशासनिक लापरवाही के बीच अंतर करना जरूरी है। निर्वाचन आयोग की कार्रवाई का प्रमुख आधार मतदान केंद्रों पर प्रभावी निगरानी और नियंत्रण बनाए रखने में हुई चूक बताई गई है।
आयोग ने मांगी अनुपालन रिपोर्ट
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की ओर से ऐसी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निलंबन और विभागीय कार्रवाई के निर्देशों का पालन करते हुए आयोग को रिपोर्ट भेजनी होगी।
इस कार्रवाई के बाद आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अब जांच और विभागीय कार्यवाही के दौरान संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तथा लापरवाही के स्तर को निर्धारित किया जाएगा।
