लखनऊ। सआदतगंज थाना क्षेत्र में आरएसएस कार्यकर्ता और उनके परिवार के दो सदस्यों की हत्या के मामले में पुलिस ने आठ लोगों को नामजद किया है। एफआईआर में तीन महिलाओं के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। मामले में तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस हत्या के पीछे की वजह और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
एफआईआर में आठ लोगों के नाम
पुलिस के मुताबिक, मामले में दर्ज एफआईआर में राजेश शुक्ला, ऋषभ शुक्ला, गिरीश शुक्ला, दिनेश शुक्ला, मुन्ना बाबू, दिव्या, प्रिया और अदिति को नामजद किया गया है। नामजद लोगों में तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों और प्रत्येक व्यक्ति की कथित भूमिका का पता लगाया जा सके।
पार्किंग और चबूतरे को लेकर हुआ था विवाद
यह मामला सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके में पार्किंग और बरगद के पेड़ के सामने चबूतरा बनाने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। इससे पहले सामने आई जानकारी के अनुसार, कहासुनी के बाद गोलीबारी हुई थी, जिसमें आरएसएस कार्यकर्ता शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई।
तीनों को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया था।
पुलिस जांच में आरोपियों की भूमिका पर नजर
पुलिस अब एफआईआर में नामजद सभी लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि विवाद किस वजह से बढ़ा, गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई और वारदात में किसकी क्या भूमिका रही। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
मामले में किसी व्यक्ति का नाम एफआईआर में दर्ज होना अपने आप में अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। आरोपियों की भूमिका जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है।
