मुख्य खबर
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में टायर रिसाइक्लिंग फैक्ट्री के मालिक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना गंगोह थाना क्षेत्र के कल्लरहेड़ी गांव के पास शुक्रवार रात हुई। फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध के बीच विवाद हिंसक हो गया। इस घटना में फैक्ट्री मालिक अरबीन चौहान की मौत हो गई, जबकि उनके कारोबारी साझेदार सादिक घायल हो गए।
पुलिस ने मामले में 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेने के साथ आरोपियों की पहचान और घटना के क्रम की जांच की जा रही है। पुलिस फैक्ट्री परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। (इंडियन एक्सप्रेस)
धुएं को लेकर शुरू हुआ विवाद
रिपोर्टों के अनुसार, कल्लरहेड़ी और आसपास के गांवों के कुछ लोग फैक्ट्री में पहुंचे थे। उनका आरोप था कि टायर गलाने की प्रक्रिया से निकलने वाला धुआं आसपास के लोगों के स्वास्थ्य और वातावरण को प्रभावित कर रहा है। वे फैक्ट्री बंद कराने की मांग कर रहे थे।
फैक्ट्री में मौजूद चौकीदार किशन सिंह ने मालिक अरबीन चौहान को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया। इसके बाद चौहान अपने कारोबारी साझेदार सादिक के साथ वहां पहुंचे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर लोहे की रॉड, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला किया गया।
हमले में चौहान और सादिक घायल हो गए। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चौहान की मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा
फैक्ट्री के चौकीदार की शिकायत के आधार पर गंगोह पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। आरोपियों पर हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गई है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से संबंधित स्थिति जांच के दौरान बदल सकती है। (अमर उजाला)
प्रदूषण या रंगदारी—दोनों पहलुओं की जांच
मामले में विवाद की वजह को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। स्थानीय लोगों की ओर से फैक्ट्री के धुएं और प्रदूषण को लेकर विरोध किए जाने की बात कही गई है। दूसरी ओर, फैक्ट्री मालिक के परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है। किसी पक्ष के आरोप को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और हमले में किन लोगों की क्या भूमिका थी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री आवासीय क्षेत्र की सीमा से बाहर थी और उसके पास संचालन की अनुमति थी। हालांकि, फैक्ट्री के संचालन और प्रदूषण से संबंधित सभी नियामकीय पहलुओं की स्थिति संबंधित विभागों के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
CCTV फुटेज से जुटाए जा रहे साक्ष्य
पुलिस फैक्ट्री में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। इससे विवाद के समय मौजूद लोगों, हमले के घटनाक्रम और आरोपियों की पहचान के बारे में जानकारी मिल सकती है।
जांच में घायलों के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य भी महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस की जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने तक आरोपियों को दोषी घोषित नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र में फैक्ट्री मालिक की हत्या का मामला प्रदूषण संबंधी शिकायतों और कथित रंगदारी के आरोपों के बीच उलझा हुआ है। पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और मामले की जांच जारी है। अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि विवाद कैसे शुरू हुआ, हमले में कौन शामिल था और घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
यह खबर 11 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।