लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के 9,18,091 प्रभावित किसानों के लिए 483 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि जारी करेंगे। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी
राहत राशि जारी करने का कार्यक्रम गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाना है। सरकार की ओर से दी जाने वाली इस सहायता का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को फसल नुकसान के बाद खेती दोबारा शुरू करने में आर्थिक मदद देना है।
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत से 9 अक्टूबर तक प्रदेश में 9 लाख से अधिक ऐसे किसानों की पहचान की गई है, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुई हैं। इनमें बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से नुकसान झेलने वाले किसान शामिल हैं। (हिन्दुस्तान)
किन किसानों को मिलेगा लाभ?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश में 9,18,091 प्रभावित किसानों को सहायता के लिए चिह्नित किया गया था। इन किसानों की फसलों को प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान पहुंचा है।
पिछले डेढ़ महीने के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी रही। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और चक्रवात के असर से भी फसलें प्रभावित हुईं। खेतों में पानी भरने, फसलों के गिरने और उत्पादन प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
कृषि निवेश अनुदान का उद्देश्य प्रभावित किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए सहायता देना है। इस धनराशि का इस्तेमाल पात्रता और सरकारी प्रावधानों के अनुसार खेती की दोबारा तैयारी, बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
हालांकि, प्रत्येक किसान को मिलने वाली राशि समान हो, यह जरूरी नहीं है। वास्तविक सहायता फसल नुकसान, प्रभावित क्षेत्र और लागू सरकारी मानकों के अनुसार तय होती है।
पहले भी किसानों को दी जा चुकी है सहायता
राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 9 अक्टूबर तक 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए 78.75 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान दिया जा चुका था।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि, पशुहानि और मकानों को हुए नुकसान के मामलों में प्रभावित परिवारों को 225.93 करोड़ रुपये की सहायता वितरित किए जाने की जानकारी दी गई है।
इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में राहत वितरण की प्रक्रिया पहले से जारी थी। अब 9.18 लाख से अधिक चिह्नित किसानों के लिए घोषित सहायता का अगला चरण शुरू किया जा रहा है।
बाढ़ और बारिश से फसलों को कितना नुकसान हुआ?
उत्तर प्रदेश में हाल के सप्ताहों में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने कई जिलों में खेती को प्रभावित किया। खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा, जबकि कुछ क्षेत्रों में कटाई और कृषि कार्य भी प्रभावित हुए।
सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए अर्नव चक्रवात के प्रभाव से हुई बारिश को फसल क्षति के प्रमुख कारणों में बताया गया है। इसके अलावा बाढ़ और ओलावृष्टि ने भी किसानों की मुश्किलें बढ़ाईं।
फसल नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन की ओर से सर्वेक्षण कराया गया। प्रभावित किसानों की पहचान और नुकसान का विवरण जुटाने के बाद राहत राशि जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
सरकार के लिए चुनौती यह भी है कि सहायता सही लाभार्थियों तक पहुंचे और किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए समय पर आर्थिक मदद मिल सके।
DBT के जरिए बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
सरकार ने राहत राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजने के लिए DBT व्यवस्था अपनाई है। इससे भुगतान सीधे लाभार्थी तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
किसानों को अपने बैंक खाते की जानकारी सही रखने और खाते के सक्रिय होने की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। यदि पात्र किसान के खाते में राशि नहीं पहुंचती है, तो वह संबंधित कृषि विभाग, तहसील या जिला प्रशासन से संपर्क कर सकता है।
राशि प्राप्त करने के लिए किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे देने या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
किसानों के लिए आगे क्या जरूरी है?
फसल क्षति के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों को खेती की अगली तैयारी में मदद कर सकती है। लेकिन किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सहायता की राशि और भुगतान की स्थिति उनकी पात्रता तथा संबंधित सरकारी रिकॉर्ड पर निर्भर करेगी।
यदि किसी किसान का नाम सर्वेक्षण में शामिल नहीं है या फसल नुकसान का विवरण गलत दर्ज हुआ है, तो उसे संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। आवेदन, भूमि और फसल से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखना भी उपयोगी होगा।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश सरकार 12 अक्टूबर को 9,18,091 प्रभावित किसानों के लिए 483 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि जारी करने जा रही है। यह सहायता बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए है। भुगतान DBT के जरिए किया जाएगा और पात्र किसानों को मिलने वाली वास्तविक राशि सरकारी मानकों के अनुसार निर्धारित होगी।
यह खबर 12 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। राशि जारी होने और बैंक खातों में भुगतान पहुंचने की अंतिम स्थिति की पुष्टि आधिकारिक अपडेट से की जानी चाहिए।
