बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसी मौसम में वायरल संक्रमण, फूड पॉइजनिंग, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, पेट से जुड़ी समस्याएं और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। हवा में बढ़ी नमी और बैक्टीरिया की सक्रियता के कारण खानपान में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ मानसून के दौरान संतुलित और स्वच्छ भोजन करने की सलाह देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) मजबूत रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए ताजा, पौष्टिक और घर का बना भोजन सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है।
मानसून में क्यों जरूरी है हेल्दी डाइट?
बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में पेट के संक्रमण, वायरल बुखार और त्वचा संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं।
यदि शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मानसून में संतुलित आहार लेना स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
मौसमी फल और सब्जियां करें शामिल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में मौसमी फल और ताजी सब्जियों को भोजन का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।
आहार में शामिल करें—
- लौकी
- तोरई
- टिंडा
- करेला
- परवल
- गाजर
- पपीता
- सेब
- अनार
- नाशपाती
इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और फाइबर शरीर को पोषण देने के साथ पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
विटामिन C बढ़ाएगा इम्यूनिटी
विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।
इसके लिए भोजन में शामिल करें—
- आंवला
- नींबू
- संतरा
- अमरूद
- शिमला मिर्च
ये खाद्य पदार्थ शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं और कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में भी सहायक होते हैं।
खूब पानी पिएं
बारिश के मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत बनी रहती है।
विशेषज्ञ दिनभर पर्याप्त पानी पीने की सलाह देते हैं। इसके अलावा नारियल पानी, छाछ और घर में बने ताजे पेय पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि पानी हमेशा साफ और सुरक्षित स्रोत का ही पीना चाहिए ताकि जलजनित बीमारियों का खतरा कम रहे।
बाहर का खाना खाने से बचें
मानसून में सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से पनप सकते हैं।
इस मौसम में बचें—
- कटे हुए फल
- खुले में बिकने वाला चाट-पकौड़ी
- बासी भोजन
- दूषित पानी से बनी चीजें
- अधपका भोजन
घर का ताजा और गर्म भोजन स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है।
प्रोटीन युक्त भोजन भी है जरूरी
इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन का सेवन भी जरूरी है।
भोजन में शामिल करें—
- दालें
- पनीर
- दूध
- दही (यदि स्वास्थ्य के अनुसार उपयुक्त हो)
- सोयाबीन
- अंडा
- दालों से बने व्यंजन
प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और मांसपेशियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मसालों का सीमित लेकिन सही उपयोग
भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाले कई मसालों में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं।
जैसे—
- हल्दी
- अदरक
- लहसुन
- काली मिर्च
- दालचीनी
इनका संतुलित मात्रा में उपयोग भोजन के स्वाद के साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
तली-भुनी चीजें कम खाएं
बारिश के मौसम में पकौड़े, समोसे और तली-भुनी चीजें खाने का मन अधिक करता है, लेकिन इनका अत्यधिक सेवन पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में ही ऐसे खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं। अत्यधिक तेल और मसाले वाला भोजन गैस, अपच और एसिडिटी की समस्या बढ़ा सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर हो सकती है।
उनके लिए—
- ताजा भोजन दें।
- पर्याप्त पानी पिलाएं।
- फल और सब्जियां नियमित खिलाएं।
- बासी भोजन से बचाएं।
- किसी भी संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लें।
स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आदतें
- घर का ताजा भोजन करें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
- हाथ धोकर ही भोजन करें।
- बाहर का खुला भोजन खाने से बचें।
- संतुलित मात्रा में प्रोटीन लें।
- पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम को भी दिनचर्या में शामिल करें।
बारिश के मौसम में सही खानपान केवल शरीर को ऊर्जा ही नहीं देता बल्कि संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाता है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी या अन्य गंभीर बीमारी है, तो आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।