उत्तर प्रदेश के कानपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये मूल्य की नजूल भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास से जुड़े चर्चित अवनीश दीक्षित मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि टीम पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी और दोनों दर्ज मुकदमों के साथ-साथ कथित भूमि कब्जाने की पूरी साजिश की भी पड़ताल करेगी।
पुलिस के अनुसार, यह मामला कानपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित नजूल भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों ने कथित रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया। घटना के बाद राजस्व विभाग और संबंधित पक्ष की शिकायत पर कोतवाली थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। इन्हीं मामलों की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए SIT बनाई गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, SIT का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) को सौंपा गया है। टीम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, कोतवाली थाना प्रभारी सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं। जांच दल दोनों एफआईआर में दर्ज तथ्यों, उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करेगा।
मामले में पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष और पत्रकार अवनीश दीक्षित समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस ने पहले चरण की कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि कुछ अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है।
पुलिस का कहना है कि जांच केवल कथित कब्जे के प्रयास तक सीमित नहीं रहेगी। SIT यह भी जांच करेगी कि घटना की पूरी योजना कैसे बनाई गई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और क्या किसी संगठित नेटवर्क ने इस कथित भूमि कब्जाने के प्रयास में सहयोग किया। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार जिस नजूल भूमि को लेकर विवाद हुआ, उसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने कथित रूप से परिसर में घुसकर कब्जा करने की कोशिश की थी। हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच एजेंसियां भूमि से जुड़े स्वामित्व के दस्तावेज, राजस्व अभिलेख, घटनास्थल के साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नजूल भूमि सरकारी नियंत्रण वाली भूमि होती है और इस पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या कब्जे के प्रयास के मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजी साक्ष्य और राजस्व रिकॉर्ड जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
फिलहाल SIT ने जांच शुरू कर दी है और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।