दिल्ली में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में हुए दर्दनाक हादसे के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहरभर में अभियान चलाकर बेसमेंट में संचालित 20 कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को सील कर दिया। यह कार्रवाई उन संस्थानों के खिलाफ की गई जो भवन मानकों और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए बेसमेंट में संचालित पाए गए।
LDA अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न इलाकों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 107 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच में 20 ऐसे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी मिले जो निर्धारित नियमों के विपरीत बेसमेंट में संचालित हो रहे थे। इसके बाद इन्हें तत्काल खाली कराकर सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य संस्थानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई दिल्ली में बेसमेंट में संचालित एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद की गई है, जिसने देशभर में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के मद्देनजर कई राज्यों में बेसमेंट में चल रहे संस्थानों की जांच शुरू की गई है और लखनऊ में भी उसी क्रम में यह अभियान चलाया गया।
LDA के उपाध्यक्ष के निर्देश पर शहर के सभी प्रवर्तन जोनों की टीमों ने फायर विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई संस्थान ऐसे बेसमेंट में संचालित हो रहे थे जिन्हें भवन स्वीकृति के अनुसार केवल पार्किंग, स्टोर या अन्य सीमित उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी। ऐसे स्थानों पर छात्रों की बड़ी संख्या में मौजूदगी को सुरक्षा की दृष्टि से जोखिमपूर्ण माना गया।
अभियान के दौरान अलीगंज क्षेत्र में कई लाइब्रेरी और अध्ययन केंद्रों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा गोमतीनगर, कपूरथला, ठाकुरगंज और अन्य इलाकों में भी बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों को सील किया गया। संबंधित संचालकों से भवन मानचित्र, अनुमति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
LDA अधिकारियों ने कहा कि भवन निर्माण नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य है। यदि कोई संस्थान स्वीकृत नक्शे के विपरीत संचालित पाया जाता है या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेसमेंट में संचालित संस्थानों में आग, जलभराव या किसी अन्य आपात स्थिति के दौरान निकासी (Evacuation) कठिन हो सकती है। ऐसे स्थानों पर पर्याप्त वेंटिलेशन, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। यही कारण है कि विभिन्न विकास प्राधिकरण और फायर विभाग अब ऐसे संस्थानों की नियमित जांच पर जोर दे रहे हैं।
LDA ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं भी भवन मानकों, अग्नि सुरक्षा नियमों या स्वीकृत मानचित्र का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित संस्थान के खिलाफ सीलिंग, नोटिस या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्राधिकरण ने संस्थानों के संचालकों से अपील की है कि वे भवन उपयोग से जुड़े सभी नियमों का पालन करें और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।