पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक दुखद खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि छह अन्य भारतीय नागरिक घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ जब दोनों टैंकर ओमान के क्षेत्रीय जल में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी समुद्री मार्ग से गुजर रहे थे।
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले में ‘Mombasa B’ और ‘Al Bahyah’ नामक दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि इन जहाजों पर ईरानी क्रूज़ मिसाइलों से हमला किया गया, जिससे दोनों जहाजों में आग लग गई। बाद में आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन इस हमले में एक भारतीय चालक दल के सदस्य की जान चली गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं, दूसरे टैंकर Al Bahyah के चालक दल के कुछ सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया, हालांकि घटना के बाद कुछ समय तक तीन लोगों के लापता होने की भी सूचना सामने आई।
यूएई ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बड़ा खतरा है। यूएई ने यह भी कहा कि वह अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन जहाजों को निशाना बनाने की पुष्टि की है। ईरान का दावा है कि दोनों जहाज चेतावनी के बावजूद एक ऐसे समुद्री मार्ग में प्रवेश कर गए थे जिसे खतरनाक घोषित किया गया था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना के बाद भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। भारत ने भारतीय नागरिक की मौत पर गहरी चिंता जताते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चा तेल इसी रास्ते से विभिन्न देशों तक पहुंचता है। इस जलमार्ग में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े सैन्य तनाव के कारण इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम लगातार बढ़ा है। तेल टैंकरों पर हमले न केवल संबंधित देशों के लिए बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार के लिए भी चिंता का विषय बन गए हैं। यदि ऐसे हमले जारी रहते हैं तो अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों की परिचालन लागत और बीमा प्रीमियम भी बढ़ सकते हैं।
भारत के लिए यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर काम करते हैं। ऐसे किसी भी संघर्ष का सीधा प्रभाव भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। भारत सरकार समय-समय पर संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों के संपर्क में रहती है।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। समुद्री एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जहाजों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव कम करने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
फिलहाल इस हमले की जांच जारी है और क्षेत्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर नई जानकारी और आधिकारिक बयान सामने आ सकते हैं।