पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पुलिस की मौजूदगी में कथित तौर पर मिडिल फिंगर (Middle Finger) दिखाते हुए नजर आ रही हैं। यह घटना उस समय हुई जब पुणे ग्रामीण पुलिस उन्हें जांच के सिलसिले में उनके घर लेकर गई थी, जहां से पुलिस ने हत्या वाले दिन पहने गए कपड़े बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल को पुणे के मार्केट यार्ड स्थित उनके आवास पर ले जाया गया था ताकि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए जा सकें। इसी दौरान अधिकारियों ने वे कपड़े जब्त किए, जिन्हें सिया ने कथित तौर पर घटना वाले दिन पहना था। इन कपड़ों को अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि उन पर मौजूद संभावित डीएनए, मिट्टी, रक्त या अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा सके।
घर से बाहर निकलते समय मीडिया और वहां मौजूद लोगों के सामने सिया गोयल ने कथित तौर पर अशोभनीय इशारे किए और मिडिल फिंगर दिखाया। इस पूरी घटना का वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि पुलिस ने उनके इस व्यवहार पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि कपड़ों की बरामदगी मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस पहले ही घटनास्थल, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर चुकी है। अब बरामद कपड़ों की फॉरेंसिक रिपोर्ट से घटना के समय की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुलिस इससे पहले सिया गोयल को पुणे के एक अन्य स्थान पर भी लेकर गई थी, जहां जांच अधिकारियों के अनुसार कथित तौर पर हत्या की साजिश का पूर्वाभ्यास (Rehearsal) किया गया था। अधिकारियों का दावा है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल ने घटना से पहले पूरी योजना तैयार की थी। हालांकि इन आरोपों का अंतिम सत्य अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही तय होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने एक तीसरे व्यक्ति को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसे कथित साजिश की पहले से जानकारी हो सकती थी। फिलहाल पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह घटना से किस हद तक जुड़ा था।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में हत्या की साजिश का दावा किया गया। पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाई थी। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य वैज्ञानिक जांच के आधार पर चार्जशीट को और मजबूत करने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।