भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर एक अहम बयान सामने आया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने कहा है कि अमेरिका एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री मोदी का अमेरिका में फिर से स्वागत करना पसंद करेंगे।” साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत दौरा अगले वर्ष हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
सर्जियो गोर ने यह टिप्पणी IX USISPF Leadership Summit 2026 के दौरान की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण दे चुके हैं। गोर ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद आगे भी जारी रहेगा।
ट्रंप के भारत दौरे के भी संकेत
गोर ने अपने बयान में यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का भारत दौरा 2027 की बजाय अगले वर्ष होने की संभावना अधिक है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा की तारीख या आधिकारिक कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है और सही समय आने पर यात्रा की घोषणा की जाएगी।
व्यापार समझौते पर जताया भरोसा
अमेरिकी राजदूत ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) पर भी सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समझौते पर बातचीत अच्छी प्रगति कर रही है और उम्मीद है कि यह “जल्द ही” अंतिम रूप ले लेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि समझौता काफी व्यापक है और इसमें हजारों प्रावधानों की कानूनी समीक्षा की जा रही है।
रणनीतिक साझेदारी पर जोर
गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने क्वाड (Quad) देशों के बीच नियमित मंत्रीस्तरीय बैठकों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मोदी-ट्रंप संबंधों की चर्चा
अपने हालिया अनुभव साझा करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंधों को महत्व देते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में ट्रंप से हुई मुलाकात के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा हुई। गोर ने कहा कि दोनों देशों के कारोबारी संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिल रहा है।
G20 शिखर सम्मेलन भी रहेगा अहम
गोर ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के दिसंबर में अमेरिका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि कार्यक्रम तय होता है तो इस दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर नजर
भारत और अमेरिका पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं। रक्षा सहयोग, व्यापार, तकनीकी निवेश और वैश्विक मंचों पर समन्वय जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रधानमंत्री मोदी का अमेरिका दौरा और राष्ट्रपति ट्रंप का भारत दौरा तय होता है, तो इससे दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती मिल सकती है।
फिलहाल दोनों यात्राओं की आधिकारिक तारीखों का इंतजार है, लेकिन अमेरिकी राजदूत के ताजा बयान ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है।
