उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। राज्य के करीब 30 शहरों में लू (Heatwave) और तेज धूप ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। गर्म हवाओं और उमस के कारण अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। हालांकि राज्य के कुछ पूर्वी और तराई क्षेत्रों में आंधी, तेज हवाओं और हल्की बारिश की भी संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन इलाकों में होने वाली बारिश से स्थानीय स्तर पर तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है, लेकिन पूरे प्रदेश को गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।
भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। आगरा, अलीगढ़, झांसी, बांदा, कानपुर, प्रयागराज, इटावा, हमीरपुर, फतेहपुर और आसपास के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी, जबकि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ में कमी देखी गई।
गर्मी की गंभीरता को देखते हुए अलीगढ़ जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है। छोटे बच्चों को तेज धूप से बचाने के लिए विद्यालयों को सुबह के समय संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कुछ जिलों में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के प्रभाव से शाम के समय धूलभरी आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इससे कुछ समय के लिए मौसम सुहावना हो सकता है, लेकिन दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। मौसम विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह बारिश पूरे प्रदेश में एक समान नहीं होगी।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप में निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना और शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भीषण गर्मी का असर बिजली और पानी की मांग पर भी दिखाई दे रहा है। कई शहरों में बिजली की खपत बढ़ गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी सामने आने लगी है। प्रशासन ने बिजली और जलापूर्ति विभागों को आवश्यक सेवाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार पड़ रही गर्मी का असर खरीफ फसलों की तैयारी पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसानों को सिंचाई और मिट्टी में नमी बनाए रखने के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम में अचानक बदलाव होने पर फसलों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि मानसून की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं तो आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिक हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी और लू का प्रभाव जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करें, गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें, खाली पेट बाहर न निकलें और किसी व्यक्ति में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। फिलहाल प्रदेश में गर्मी का दौर जारी है और मौसम विभाग द्वारा जारी अगले अपडेट पर सभी की नजर बनी हुई है।