यूपी के बलरामपुर में केंद्रीय वित्त आयोग के अंतर्गत माह अप्रैल की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग खराब आने और व्यय प्रगति मात्र 50 प्रतिशत पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्त की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले 17 ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका एक दिन का वेतन रोक दिया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया उपाध्याय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कई सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इससे संबंधित ग्राम पंचायतों की समीक्षा प्रभावित हुई और योजनाओं की वास्तविक प्रगति की जानकारी नहीं मिल सकी। कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में गैसड़ी विकास खंड के ग्राम पंचायत अधिकारी रामसागर, राजेश कुमार, विनोद कुमार एवं सुरेश कुमार, रेहराबाजार के धर्मेंद्र कुमार और अवधेश कुमार, उतरौला के मुन्ना लाल, शिवकुमार एवं अरुण कुमार, श्रीदत्तगंज के रमेश चंद्र, महेश कुमार और संतोष कुमार, पचपेड़वा के राजकुमार, जितेंद्र कुमार एवं दिनेश कुमार, जबकि हर्रैया सतघरवा के श्याम बिहारी और अजय कुमार शामिल हैं।
डीपीआरओ ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और बैठकों में अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को भविष्य में समय से बैठक में उपस्थित रहने और योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों में रूचि न लेने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में केंद्रीय वित्त आयोग से संबंधित विकास कार्यों की प्रगति, भुगतान की स्थिति और सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग सुधारने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कर पोर्टल पर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सके।
वहीं गोंडा जिले में भी ग्राम पंचायत सचिवालयों से आमजन को मिलने वाली सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है। डीपीआरओ लालजी दूबे ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) और ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायत भवनों से नियमित रूप से प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिए हैं।