उत्तर प्रदेश में CBSE Junior Secretariat Assistant Exam Scam को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। Uttar Pradesh Special Task Force की जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह ने Fake Disability Certificate बनवाकर अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने का नेटवर्क खड़ा कर रखा था।
Fake Disability Certificate Scam: कैसे हुआ खुलासा?
एसटीएफ ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जो अभ्यर्थियों को दिव्यांग दिखाकर उनकी जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराता था। इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गिरोह का सरगना, उसके सहयोगी, अभ्यर्थी और सॉल्वर शामिल हैं।
झांसी-ललितपुर से बनते थे फर्जी प्रमाण-पत्र
जांच में सामने आया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र झांसी और ललितपुर के CMO कार्यालयों से बनवाए गए।
40% शारीरिक अक्षमता और लो विजन के फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार किए गए
एक अस्पताल कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई
हर प्रमाण-पत्र के लिए करीब ₹40,000 तक लिए जाते थे
दूसरे की जगह देते थे परीक्षा
गिरोह पिछले 7–8 वर्षों से सक्रिय था और कई भर्ती परीक्षाओं में Proxy Candidates (Solver) बैठाकर अभ्यर्थियों को पास कराता था।जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने खुद को दिव्यांग दिखाकर अन्य परीक्षाओं (जैसे दरोगा भर्ती) में भी हिस्सा लिया।
नौकरी पर संकट
एसटीएफ के अनुसार, इस गिरोह ने कई लोगों को बैंक और सरकारी नौकरियों में चयन दिलाया। अब इन सभी चयनित अभ्यर्थियों की जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर उनकी नौकरी रद्द हो सकती है, एसटीएफ ने इस मामले में कई अन्य संदिग्धों को रडार पर रखा है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेजकर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।






