UP Police Bharti 2026: सरनेम से तय नहीं होती जाति, Caste Verification पर बोर्ड का स्पष्ट बयान
Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड ने साफ कहा है कि UP Police Bharti 2026 में किसी भी अभ्यर्थी की जाति का निर्धारण सरनेम या टाइटल के आधार पर नहीं किया जाता।
Caste Verification Process: कैसे होता है जाति सत्यापन?
भर्ती बोर्ड के अनुसार, अभ्यर्थियों की श्रेणी (Category) का निर्धारण केवल सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) के आधार पर किया जाता है।
दस्तावेजों की जांच के लिए एक विशेष DV Board (Document Verification Board) गठित होता है
इसमें उपजिलाधिकारी (SDM) और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं
मूल जाति प्रमाण पत्र का गहन परीक्षण किया जाता है
संतुष्टि के बाद ही अभ्यर्थी को संबंधित श्रेणी में चयनित किया जाता है
Final Verification: नियुक्ति से पहले दोबारा जांच
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि चयन के बाद भी प्रक्रिया खत्म नहीं होती। नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा अभ्यर्थियों का दोबारा सत्यापन (Re-Verification) कराया जाता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
अफवाह फैलाने पर होगी कार्रवाई
भर्ती बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर सरनेम और टाइटल के आधार पर जाति को लेकर भ्रामक और अपुष्ट जानकारी फैलाना गलत है।ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी अभ्यर्थी के बारे में प्रमाणिक जानकारी हो, तो उसे आधिकारिक ईमेल के जरिए साझा किया जा सकता है।






