अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर के द्वितीय तल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम यंत्र की स्थापना की और रामलला के दर्शन कर आरती उतारी।
श्रीराम यंत्र स्थापना के बाद दिया एकता का संदेश
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा— “घट-घटवासी राम, मुझमें राम, तुझमें राम, सबमें राम समाएं”।उन्होंने सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया।उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन करना एक समान है।
राम मंदिर से रवाना, लोगों का अभिवादन
कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति का काफिला आद्य शंकराचार्य द्वार से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ। रास्ते में उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए सड़कों पर मौजूद रहे।
‘राम मंदिर हमारे इतिहास की स्वर्णिम तिथि’
राष्ट्रपति ने नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अयोध्या आना उनके जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है।
उन्होंने कहा कि:
राम मंदिर हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है
500 वर्षों के संघर्ष के बाद यह ऐतिहासिक अवसर मिला
प्राणप्रतिष्ठा और ध्वजारोहण भारत के इतिहास की स्वर्णिम तिथियां हैं
राज्यपाल बोलीं- अयोध्या वैश्विक चेतना का केंद्र
आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राम मंदिर अब “राष्ट्र मंदिर” बन चुका है और अयोध्या वैश्विक चेतना का केंद्र बन गई है।
CM योगी बोले- रामराज्य की अनुभूति
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
आज दुनिया संघर्षों से जूझ रही है, लेकिन अयोध्या में आध्यात्मिक आनंद का वातावरण है
राम मंदिर युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ रहा है
यह 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम है
स्वामी गोविंद देव गिरी बोले- मंदिर निर्माण पूर्ण
स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि श्रीराम यंत्र स्थापना के साथ ही राम मंदिर का निर्माण परिपूर्ण हो गया है।
कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई लोगों को भी आमंत्रित किया गया।







