वृंदावन की गलियों में इन दिनों भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिल रहा है। Premanand Maharaj Janmotsav 2026 के अवसर पर 18 और 19 मार्च को भव्य आयोजन किया जा रहा है। राधा रानी के भक्तों और संतों के समागम से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।
संतों का संगम, भक्ति में डूबा वृंदावन
जन्मोत्सव के दौरान देशभर से संत और श्रद्धालु वृंदावन पहुंचे। विभिन्न आश्रमों के पीठाधीश्वर और संत पीले व सफेद वस्त्रों में महाराज के चरणों में नमन करते नजर आए। तिलक, माला और स्वागत समारोह के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
फूलों की वर्षा और रंगोली बना आकर्षण
उत्सव का मुख्य आकर्षण फूलों की सजावट और भव्य स्वागत रहा। भक्तों ने गुलाब और गेंदे के फूलों से सुंदर कालीन और रंगोली तैयार की। वहीं, कलाकारों ने राधा-कृष्ण स्वरूप में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कितनी है प्रेमानंद महाराज की उम्र?
प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है।अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म 30 मार्च 1969 को हुआ था, जबकि वे हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अपना जन्मोत्सव मनाते हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में उनकी उम्र लगभग 57 वर्ष है।
संघर्ष के बावजूद भक्ति का मार्ग
गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, खासकर किडनी से जुड़ी दिक्कतों के बावजूद, महाराज निरंतर भक्ति और प्रवचन के माध्यम से लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनकी ऊर्जा और समर्पण भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भक्तों के लिए खास संदेश
जन्मोत्सव के दौरान महाराज ने अपने अनुयायियों को दिखावे से दूर रहकर केवल नाम जप और भक्ति पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्चा सुख भगवान के प्रति समर्पण में ही है।








