पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब सातवें दिन में पहुंच चुका है। इसके बावजूद अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष कम होने के बजाय और तेज होता दिख रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है।व्हाइट हाउस में संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC), सेना और पुलिस को हथियार डालने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरानी सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण नहीं किया तो उनकी मौत तय हो सकती है।
ईरानी राजनयिकों से ट्रंप की बड़ी अपील
ट्रंप ने अपने बयान में ईरान के राजनयिकों से भी दुनिया के विभिन्न देशों में शरण लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत है और इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जो भी लोग ईरान में सत्ता में आएंगे, अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान भविष्य में अमेरिका या उसके पड़ोसी देशों के लिए खतरा न बने।
मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर हमले का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।उनके अनुसार, अमेरिकी सेना हर घंटे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को नष्ट करने में लगी है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पिछले तीन दिनों में ईरानी नौसेना के 24 जहाज नष्ट कर दिए गए हैं और उनकी वायु रक्षा प्रणाली और विमान भी अब प्रभावी नहीं रह गए हैं।
ट्रंप के मुताबिक, ईरानी नेतृत्व फिलहाल यह समझ नहीं पा रहा कि उन पर किस स्तर का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान शांति वार्ता की बात कर रहा है, लेकिन अमेरिका जरूरत पड़ने पर और कड़े सैन्य कदम उठाने के लिए तैयार है।
ईरान के नेतृत्व को लेकर भी ट्रंप का सख्त रुख
ट्रंप ने ईरान के भविष्य के नेतृत्व को लेकर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में उनकी भूमिका होनी चाहिए।उन्होंने खास तौर पर कहा कि अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता बनाए जाने को वह स्वीकार नहीं करेंगे।








