Lucknow News: 5 तहसीलों में 39 खाद दुकानों की जांच, एक को नोटिस, एक को चेतावनी
Lucknow News के तहत रबी सीजन को देखते हुए लखनऊ में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को जिले की 5 तहसीलों में 39 खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी मिलने पर एक खाद दुकान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि एक अन्य दुकान संचालक को चेतावनी दी गई।
रबी सीजन को लेकर सख्ती
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि रबी सीजन में किसानों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी तहसीलों में टीमों का गठन कर निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान खाद के 5 नमूने लिए गए, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
मलिहाबाद में दुकानों का स्थलीय निरीक्षण
शुक्रवार को विकास खंड मलिहाबाद में निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि क्षेत्र में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को निर्धारित दरों पर खाद दी जा रही है।
पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का मिलान भी सही पाया गया।
किसानों से लिया गया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की गई। इसके अलावा वितरण रजिस्टर में दर्ज किसानों से मोबाइल फोन के जरिए फीडबैक लिया गया। किसानों ने बताया कि उन्हें बिना टैगिंग और बिना अवैध वसूली के खाद मिल रही है।
इन दुकानों की हुई जांच
मलिहाबाद क्षेत्र में जिन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, उनमें
जनता खाद भंडार
मौर्या बीज भंडार
मां लक्ष्मी कृषक सेवा केंद्र
कुलदीप एग्रीकल्चर
लोधी खाद भंडार (रहीमाबाद)
यादव खाद भंडार (रहीमाबाद)
शामिल हैं। सभी दुकानों पर बिक्री और भंडारण व्यवस्था नियमों के अनुसार पाई गई।
यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता
कृषि विभाग के अनुसार इस समय गेहूं की फसल में यूरिया टॉप ड्रेसिंग का कार्य चल रहा है।
दिसंबर माह में यूरिया का लक्ष्य: 12,929 मीट्रिक टन
जिले में उपलब्धता: 23,785 मीट्रिक टन
इससे स्पष्ट है कि किसानों को यूरिया की किसी प्रकार की कमी नहीं होगी।
किसानों के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए 9198938009 पर संपर्क कर सकते हैं।
अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
कृषि विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि खाद की बिक्री निर्धारित दरों पर और बिना टैगिंग की जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








