उत्तर प्रदेश में UP फर्जी बिलिंग रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) ने 300 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी बिलिंग का खुलासा किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कॉपर स्क्रैप के नाम पर 50 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम की थी, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ।
19 टीमों की एक साथ छापेमारी
DGGI को इस रैकेट की गोपनीय सूचना मिली थी। प्राथमिक जांच में पुष्टि होने के बाद 19 टीमों ने लखनऊ, दिल्ली और सोनौली समेत कई शहरों में एक साथ छापेमारी की।इस कार्रवाई में 100 से अधिक अधिकारी शामिल रहे। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए।
फर्जी फर्म बनाकर कॉपर स्क्रैप की काल्पनिक खरीद-फरोख्त
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर कॉपर स्क्रैप की काल्पनिक खरीद-फरोख्त दिखाते थे।मुख्य आरोपी दीपांशु गर्ग पर आरोप है कि वह नौकरों के नाम पर फर्जी फर्म रजिस्टर कराता था और वर्क कांट्रैक्ट सप्लायरों के नाम से फर्जी बिल जारी करता था। इसी आधार पर बड़ी मात्रा में ITC क्लेम किया गया।
लखनऊ और दिल्ली से गिरफ्तारी
DGGI ने लखनऊ से दो और दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं।








