बॉलीवुड अभिनेत्री मंदाना करीमी एक बार फिर चर्चा में हैं। ईरान में बैन और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच उन्होंने भारत छोड़ने का ऐलान किया है। अभिनेत्री का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें भारत में वह समर्थन नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
18 साल की उम्र में छोड़ा था ईरान
मंदाना करीमी ने बताया कि वह 18 साल की उम्र में ईरान छोड़कर भारत आई थीं और यहां अपने करियर पर ध्यान दिया। कई साल तक मॉडलिंग और फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने करीब छह साल पहले एक्टिंग से दूरी बना ली थी। हालांकि अब उन्होंने कहा है कि परिस्थितियों के चलते वह भारत छोड़कर विदेश जाने की तैयारी कर रही हैं।
ईरान नहीं लौट सकतीं, वहां बैन
मंदाना ने बताया कि उन्हें करीब 10 साल पहले ईरान में बैन कर दिया गया था, इसलिए वह वहां वापस नहीं जा सकतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत छोड़ने का फैसला लेने के बावजूद उनका ईरान लौटने का कोई विकल्प नहीं है।उनका कहना है कि मौजूदा हालात में वह एक सुरक्षित जगह पर रह रही हैं और सुरक्षा कारणों से उनकी लोकेशन बहुत कम लोगों को पता है।
खामेनेई की मौत और मिडिल ईस्ट तनाव पर बयान
मंदाना करीमी ने कहा कि जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत और मिडिल ईस्ट में तनाव की खबरें सामने आईं, तब कई लोग सड़कों पर उतरकर प्रतिक्रिया दे रहे थे।उन्होंने कहा कि वह खुद सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दे सकीं, लेकिन वह ईरान के लोगों की आवाज उठाने की कोशिश कर रही हैं।
‘ईरान अब भी मेरा देश है’
अभिनेत्री ने कहा कि भले ही उन्होंने कम उम्र में ईरान छोड़ दिया था, लेकिन ईरान आज भी उनका देश है और उन्हें वहां के हालात पर अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है।मंदाना के मुताबिक वह जो भी इंटरव्यू दे रही हैं, वह अपने लिए नहीं बल्कि ईरान के लोगों की आवाज उठाने के लिए दे रही हैं।
‘रिजीम बदलना जरूरी’ – मंदाना
मंदाना करीमी ने कहा कि दुनिया को यह समझना जरूरी है कि इस्लामिक रिपब्लिक की सच्चाई क्या है और क्यों कई ईरानी लोग आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं जो अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं।
मौत की धमकियों का भी किया दावा
एक इंटरव्यू में मंदाना करीमी ने दावा किया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।उनका कहना है कि उनके बयानों को कई जगह सनसनीखेज तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि वह केवल ईरान और वहां के लोगों की स्थिति के बारे में बात करना चाहती हैं।








