लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर फेज-2 का आज लोकार्पण, राजनाथ सिंह और योगी करेंगे उद्घाटन
लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर फेज 2 का आज दोपहर 4 बजे लोकार्पण किया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झूलेलाल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में करेंगे। इस मौके पर राज्य सरकार के कई मंत्री और भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
गोमती नदी के दोनों किनारों पर विकसित हो रहा यह ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट कुल 57 किलोमीटर लंबा है, जिसे चार चरणों में तैयार किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में चौड़ी सड़कें, मल्टी-लेन मार्ग, हरियाली और आधुनिक यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
दूसरे चरण में हुए कई अहम निर्माण कार्य
ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज तक करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से कई महत्वपूर्ण विकास कार्य पूरे किए गए हैं।
इनमें शामिल हैं:
कुकरैल नदी पर 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का पुल, जिसकी लागत करीब 45 करोड़ रुपये रही।
कुकरैल से निशातगंज तक 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा व सड़क निर्माण, जिस पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
निशातगंज में 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का ब्रिज, जिसकी लागत लगभग 45 करोड़ रुपये रही।
इसके अलावा हनुमान सेतु से गोमती पुल निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है, जिससे यातायात और सुगम होगा।
छह लेन सड़क और चौड़ी लेन से ट्रैफिक को राहत
Lucknow Green Corridor Phase 2 में छह लेन की सड़क बनाई गई है। यह कॉरिडोर गोमतीनगर के समता मूलक चौक से निशातगंज होते हुए हनुमान सेतु और डालीगंज तक फैला हुआ है।सड़क की चौड़ाई दोनों ओर लगभग 11.50 मीटर रखी गई है और निशातगंज में एक प्रमुख चौराहा भी बनाया गया है। इसके शुरू होने से शहर के करीब 5 लाख लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
तीन नए चौराहों का निर्माण
ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण में तीन प्रमुख चौराहे बनाए गए हैं:
पहला चौराहा: समतामूलक से करीब आधा किलोमीटर आगे कुकरैल पुल की ओर।
दूसरा चौराहा: पेपर मिल कॉलोनी के पास निशातगंज की ओर, जो सीधे हनुमान सेतु रोड से जुड़ता है।
तीसरा चौराहा: हनुमान सेतु के पास, जो पक्के पुल से कनेक्ट है।
तीसरे और चौथे चरण का भी होगा शिलान्यास
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण पर लगभग 1519 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही आज तीसरे और चौथे चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा।इस योजना के पहले चरण का लोकार्पण 11 मार्च 2024 को किया गया था, जिसमें आईआईएम रोड से पक्का पुल तक 16.8 किलोमीटर लंबा पुल तैयार किया गया था।अब 1220 करोड़ रुपये की लागत से तीसरे और चौथे चरण का निर्माण होगा, जो पिपराघाट को किसान पथ से जोड़ेगा।
इन इलाकों को मिलेगा ट्रैफिक से राहत
ग्रीन कॉरिडोर शुरू होने से निशातगंज, डालीगंज, समतामूलक चौक, बादशाहनगर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।गोमती किनारे बने इस कॉरिडोर से भारी ट्रैफिक सीधे गुजर सकेगा, जिससे शहर की अंदरूनी सड़कों पर दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा।







