लखनऊ में कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नाले में पाइप लगाकर उसे सिलेंडर से जोड़ा और दावा किया कि उसी गैस से चाय बनाकर पी। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान पर तंज कसा।
यह प्रदर्शन लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर किया गया। यहां कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से चाय की दुकान लगाई और बताया कि गैस की कमी को दिखाने के लिए उन्होंने नाले से गैस निकालकर चाय बनाने की कोशिश की।
नाले की गैस से चाय बनाने का दावा
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के उस फॉर्मूले को अपनाने की कोशिश की जिसमें नाले से गैस बनने की बात कही गई थी। उनका कहना था कि उन्होंने पाइप लगाकर नाले से गैस निकालने का प्रयोग किया, लेकिन इससे पर्याप्त गैस नहीं बन पाई।
कार्यकर्ताओं के मुताबिक नाले से गैस निकालने की प्रक्रिया के दौरान पूरा नाला लगभग सूख गया, लेकिन उससे एक सिलेंडर गैस भी नहीं भर पाई। उनका कहना है कि इससे बहुत कम मात्रा में चाय बनाई जा सकी और यह तरीका व्यवहारिक नहीं लगा।
गैस संकट को लेकर विरोध
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में गैस की कीमतों और आपूर्ति को लेकर आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि महंगी गैस के कारण छोटे दुकानदार, ठेले और चाय की टपरियां भी प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर छात्रावास और मेस में भी गैस की बढ़ती कीमतों का असर देखने को मिल रहा है, जिससे छात्रों और मजदूर वर्ग को दिक्कतें हो रही हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और गैस की कीमतों को लेकर विरोध दर्ज कराया। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर Lucknow Congress Protest की चर्चा सोशल मीडिया पर भी तेज हो गई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए विपक्ष सरकार की नीतियों और महंगाई के मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहा है।







