बदायूं HPCL मर्डर केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू को गुरुवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि एक सिपाही भी घायल हो गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हथियार बरामद कराने के लिए घटनास्थल के पास ले जाया गया था। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आरोपी के पैरों में गोली लग गई। मुठभेड़ में सिपाही ओमबीर सिंह भी घायल हुए हैं। दोनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नौकरी से निकाले जाने की रंजिश में की हत्या
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसे नौकरी से निकाले जाने और ब्लैकलिस्ट किए जाने का गुस्सा था। इसी रंजिश के चलते उसने एचपीसीएल प्लांट के डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल के पास जंगल से हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद कर लिया है।
प्लांट में घुसकर की अंधाधुंध फायरिंग
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को मूसाझाग थाना क्षेत्र स्थित HPCL प्लांट में आरोपी अजय प्रताप सिंह अचानक पहुंचा और सुरक्षा घेरा तोड़कर प्लांट के अंदर घुस गया।बताया जा रहा है कि डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता ने खराब काम के कारण उसका टेंडर निरस्त कर दिया था और उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने बदला लेने की ठान ली।
दोपहर करीब 2 बजे आरोपी सीधे कॉन्फ्रेंस रूम में पहुंचा और पहले सुधीर गुप्ता पर गोली चला दी। इसके बाद बीच-बचाव करने आए एजीएम हर्षित मिश्रा को भी गोली मार दी। इस अंधाधुंध फायरिंग में दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई।
दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच के आदेश
इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर अजय कुमार और सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।वहीं डीआईजी अजय कुमार साहनी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी प्लांट के अंदर इतनी आसानी से कैसे पहुंच गया और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।








