नवरात्रि के पहले दिन द्रौपदी मुर्मू अयोध्या स्थित राम मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन किए और राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के द्वितीय तल पर विधि-विधान से पूजन सम्पन्न हुआ।
वैदिक मंत्रों के बीच हुई श्रीराम यंत्र स्थापना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैदिक आचार्यों की उपस्थिति में श्रीराम यंत्र का पूजन कर उसे स्थापित किया। यह यंत्र मंदिर के द्वितीय तल पर स्थापित किया गया है, जिसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रामलला के दर्शन और मंदिर भ्रमण
राष्ट्रपति ने श्रीरामलला के दर्शन कर आरती उतारी और मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया। इससे पहले वह महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया।
क्या है श्रीराम यंत्र?
श्रीराम यंत्र केवल एक धातु संरचना नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा और वैदिक गणित का अद्भुत संगम है।जैसे ‘श्री यंत्र’ को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, उसी प्रकार श्रीराम यंत्र भगवान विष्णु के अवतार प्रभु श्रीराम की विजय, मर्यादा और धर्म का प्रतीक है।
राम यंत्र की खासियत
विशेष धातुओं के मिश्रण और वैदिक गणनाओं से निर्मित
वजन करीब 150 किलोग्राम
सोने की परत से आच्छादित
सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक
तमिलनाडु से अयोध्या तक की यात्रा
श्रीराम यंत्र को कांचीपुरम में तैयार किया गया। इसके बाद इसे तिरुपति लाया गया और फिर रथयात्रा के जरिए अयोध्या पहुंचाया गया। करीब 10 दिन पहले यह यंत्र राम मंदिर में स्थापित करने के लिए लाया गया था।







