कोडीन सिरप मामले में अफसरों और पदाधिकारियों पर शिकंजा
लखनऊ में CBI ने कोडीन सिरप की अवैध सप्लाई और घूसखोरी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में केमिस्ट एसोसिएशन बाराबंकी के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल और ब्लॉक अध्यक्ष सुनील जायसवाल को गिरफ्तार किया गया।
लाखों की प्रतिबंधित दवा बरामद
26 जुलाई को लखनऊ में CBN टीम ने अमीनाबाद स्थित गोदाम पर छापेमारी कर 20 लाख टैबलेट्स और 5700 कोडीन सिरप की बोतलें बरामद की थीं। जांच के दौरान सामने आया कि फार्मा कंपनियों और नर्सिंग होम्स से जुड़े लेन-देन के नाम पर रिश्वत का खेल चल रहा था।
रिश्वत के 10 लाख पर CBI का ट्रैप
CBI ने ट्रैकिंग और कॉल डिटेल्स से पता लगाया कि इंस्पेक्टर गयासुद्दीन से केस हटाने के लिए 10 लाख रुपए की डील कर रहे थे। 26 अगस्त को जैसे ही रिश्वत ली गई, CBI ने छापा मारकर इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, रवि रंजन और आदेश योगी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
केमिस्ट एसोसिएशन की भूमिका
CBI जांच में सामने आया कि केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी अफसरों तक घूस पहुंचाने का काम करते थे। ब्लॉक अध्यक्ष सुनील जायसवाल सौदेबाजी करता था और जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल रकम अधिकारियों तक पहुंचाता था। यही नेटवर्क लखनऊ और बाराबंकी तक फैला हुआ था।
इंस्पेक्टरों पर कार्रवाई
CBI की कार्रवाई के बाद महिपाल सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि रवि रंजन और आदेश योगी को निलंबित किया गया। अब तीनों इंस्पेक्टरों को रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होगी।
लखनऊ में बड़ा नेटवर्क बेनकाब
लखनऊ में CBI की इस कार्रवाई से केमिस्ट एसोसिएशन और अफसरों का गठजोड़ उजागर हुआ है। माना जा रहा है कि इस गिरोह ने कई नर्सिंग होम्स और दवा कारोबारियों को बचाने के लिए करोड़ों का लेन-देन किया।








