Lucknow Rojgar Mela 2025: रोजगार महाकुंभ में 1 लाख अभ्यर्थी, नौकरी नहीं मिली
Lucknow Rojgar Mela 2025 के पहले दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। करीब 1 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी रोजगार महाकुंभ में पहुंचे, लेकिन अधिकतर को नौकरी नहीं मिली और वे केवल अव्यवस्था से जूझते रहे।
अव्यवस्था और सुविधाओं का अभाव
अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि रोजगार महाकुंभ में टॉयलेट की कमी रही और जो बने थे, उनमें गंदगी थी। वॉशरूम इस्तेमाल करने के लिए युवाओं को घंटों लाइन में लगना पड़ा। पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं थी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हुई और उन्हें सिर्फ एक काउंटर से दूसरे काउंटर दौड़ाया गया।
कंपनियों का रवैया और प्रशासन की लापरवाही
कई युवाओं ने कहा कि जिन कंपनियों के आने की जानकारी दी गई थी, उनमें से कम कंपनियां ही रोजगार मेले में आईं। कुछ कंपनियों ने इंटरव्यू के बाद अभ्यर्थियों के बायोडाटा जमीन पर फेंक दिए। इससे अभ्यर्थी परेशान दिखे। भीड़ बढ़ने पर पुलिस और प्रशासन केवल युवाओं को नियंत्रित करने में लगा रहा, लेकिन व्यवस्था बेहतर करने पर ध्यान नहीं दिया।
युवाओं की निराशा
फैज़ाबाद से आए आदित्य वर्मा ने कहा कि वह इंटरव्यू देने पहुंचे थे, लेकिन इंटरव्यू तक नहीं हुआ। कानपुर नगर से आए रोहित तिवारी ने बताया कि सिर्फ सीवी लिए गए, लेकिन इतने बड़े स्तर पर यह प्रक्रिया बिल्कुल अव्यवस्थित रही। कई युवाओं का कहना था कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि किससे संपर्क करना है और नौकरी कहां मिल सकती है।
नौकरी की उम्मीद टूटी
आजमगढ़ से आए निखिल शर्मा ने कहा कि उन्होंने पहले विदेश में नौकरी के लिए इंटरव्यू पास किया था, लेकिन अब तक जॉइनिंग नहीं मिली। वहीं शाहजहांपुर से आए अमन यादव ने कहा कि सुबह 3 बजे से लाइन में थे, फिर भी नौकरी नहीं मिली।
नतीजा: निराश लौटे अभ्यर्थी
पहले दिन Lucknow Rojgar Mela 2025 का माहौल ऐसा रहा कि ज्यादातर अभ्यर्थी केवल निराश होकर लौटे। रोजगार पाने के बजाय उन्हें अव्यवस्था, लंबी कतारें और भ्रमित करने वाले निर्देश ही मिले। रोजगार महाकुंभ का मकसद जहां युवाओं को अवसर देना था, वहीं यह आयोजन युवाओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया और अंत में केवल अभ्यर्थी परेशान होकर वापस लौटे।








