कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में थाना परिसर की साफ-सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। दीपावली की तैयारी के लिए बैरक की छत पर झाड़ू लगा रहे 2025 बैच के एक सिपाही की 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी तत्काल उन्हें बचाने के लिए दौड़े और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक सिपाही की पहचान 25 वर्षीय दीपक गुप्ता के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अंबेडकरनगर जिले के टांडा थाना क्षेत्र के करमपुर बरसावा गांव के निवासी थे। उनके पिता का नाम राममूर्ति गुप्ता बताया गया है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दीपक की पहली तैनाती कुशीनगर के हनुमानगंज थाने में हुई थी। पुलिस सेवा में उनका कार्यकाल अभी शुरुआती दौर में ही था।
दीपावली की सफाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को हनुमानगंज थाना परिसर और पुलिसकर्मियों की बैरक में दीपावली के मद्देनजर साफ-सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान सिपाही दीपक गुप्ता बैरक की छत पर झाड़ू लगाने के लिए चढ़े थे। छत के पास से ही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। सफाई करते समय वह अचानक इस तार की चपेट में आ गए।
हाईटेंशन करंट की चपेट में आते ही दीपक गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। साथी जवान तत्काल उनकी ओर दौड़े, लेकिन करंट लगने से उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। घटना ने थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों को स्तब्ध कर दिया।
सीएचसी तुर्कहा में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
हादसे की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी दिग्विजय नारायण राय अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने साथी जवानों की मदद से घायल सिपाही को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तुर्कहा पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने दीपक की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सिपाही की मौत की खबर से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। दीपक की पहली तैनाती थी और वह अभी अपनी सेवा की शुरुआत ही कर रहे थे। दीपावली से पहले हुए इस हादसे ने उनके परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
हाईटेंशन लाइन के आसपास सुरक्षा पर उठे सवाल
थाना परिसर में बैरक की छत के पास से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजरने की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। बिजली की हाईटेंशन लाइन के नजदीक किसी भी प्रकार का काम करते समय विशेष सावधानी और सुरक्षा इंतजाम जरूरी होते हैं। ऐसे स्थानों पर सफाई या मरम्मत के दौरान बिजली विभाग और संबंधित प्रशासन के साथ समन्वय महत्वपूर्ण होता है।
हालांकि, इस हादसे में सिपाही किस परिस्थिति में तार के संपर्क में आए और सुरक्षा के क्या इंतजाम मौजूद थे, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। घटना के बाद बिजली लाइन की स्थिति, छत और तार के बीच की दूरी तथा थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
अंबेडकरनगर स्थित गांव में पहुंचेगी हादसे की खबर
दीपक गुप्ता अंबेडकरनगर के टांडा क्षेत्र के करमपुर बरसावा गांव के रहने वाले थे। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कुशीनगर में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। परिवार को उनसे पुलिस सेवा में आगे बढ़ने और भविष्य संवारने की उम्मीदें रही होंगी, लेकिन ड्यूटी के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दिया है।
दीपावली के अवसर पर थाना परिसर की सफाई के दौरान हुई यह दुर्घटना पुलिसकर्मियों की कार्यस्थल सुरक्षा के महत्व को भी सामने लाती है। खासकर बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास स्थित सरकारी भवनों और बैरकों में सफाई, मरम्मत तथा अन्य काम कराते समय जोखिम का आकलन और जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना आवश्यक है।