हमीरपुर। मझगवां थाना क्षेत्र के गौहानी गांव के जंगल में मंगलवार सुबह 22 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक सोमवार शाम से लापता था और अगले दिन उसका शव गांव के बाहर जंगल की झाड़ियों में मिला। मृतक की गर्दन पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए गए हैं। शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस हत्या की आशंका से मामले की जांच कर रही है। हालांकि, हत्या के कारण और घटना में शामिल लोगों के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मृतक की पहचान गौहानी गांव निवासी 22 वर्षीय हरीशचंद्र पुत्र महीपत के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, हरीशचंद्र सोमवार शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए। मंगलवार सुबह गांव के बाहर जंगल की ओर शव मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
शव मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद मझगवां थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर प्रारंभिक जांच शुरू की। युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित करने और महत्वपूर्ण सुराग जुटाने की कार्रवाई की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई शुरू की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण और चोटों की प्रकृति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को घटना का आरोपी घोषित नहीं किया है और न ही हत्या के पीछे की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने आया है।
क्षेत्राधिकारी राठ राजीव प्रताप सिंह के अनुसार, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों से मिली जानकारी के साथ-साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
युवक के सोमवार शाम से लापता होने और मंगलवार सुबह जंगल में शव मिलने के बीच की अवधि भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हरीशचंद्र आखिरी बार कहां और किसके साथ देखा गया था। उसकी गतिविधियों, संपर्क में रहे लोगों और घटनास्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
घटनास्थल पर फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि पुलिस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी जांच का आधार बना रही है। घटनास्थल से मिले किसी भी संभावित साक्ष्य, आसपास की स्थिति और अन्य उपलब्ध जानकारी को जोड़कर घटना की कड़ी तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि युवक की मौत घटनास्थल पर हुई या शव वहां लाकर रखा गया।
जंगल में शव मिलने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में भी लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी आशंका या चर्चा को तथ्य मानना उचित नहीं होगा। हत्या की पुष्टि, घटना का कारण और किसी संदिग्ध की भूमिका जैसे सभी सवाल जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।
पुलिस अब इस मामले में परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ युवक के लापता होने से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाएगी। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध सामने आता है तो उसके संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
फिलहाल घटना को लेकर इलाके में तनाव जैसी स्थिति नहीं है और पुलिस के अनुसार कानून-व्यवस्था सामान्य है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद परिवार अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और इस घटना के पीछे कौन-से कारण जिम्मेदार थे।
मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या दोष सिद्ध होने से पहले आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों और आगे होने वाली जांच के आधार पर ही जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल मझगवां पुलिस ने जांच तेज कर दी है और संभावित सुरागों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।