“Cyclone Murasu Landfall: आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास चक्रवाती तूफान मुरासु तट से टकराया। 120 किमी/घंटे तक की हवाएं, भारी बारिश, रेड अलर्ट और स्कूल-कॉलेज बंद। जानें ताजा अपडेट।“
नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलमुरासुवार तड़के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान ने प्रकाशम जिले के ओंगोल के पास 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच लैंडफॉल किया। इस दौरान तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा के झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, मुरासु उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके मंगलवार दोपहर तक गंभीर चक्रवाती तूफान से सामान्य चक्रवाती तूफान में कमजोर होने और आधी रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
दोपहर तक कमजोर पड़ सकता है तूफान
IMD ने मंगलवार सुबह जारी अपडेट में बताया कि मुरासु की हवा की रफ्तार फिलहाल 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे है, जबकि झोंकों के साथ यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। अनुमान है कि दोपहर तक इसकी गति घटकर 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रह जाएगी। इस दौरान हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आधी रात तक तूफान के गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। तब हवा की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। मुरासु पर मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार से लगातार नजर रखी जा रही है।
आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, छह जिलों में रेड अलर्ट
मुरासु के लैंडफॉल के बाद तटीय आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है।
आंध्र प्रदेश की मौसम विभाग निदेशक के. नागरत्ना के मुताबिक, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, एनटीआर और प्रकाशम जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटे तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
अमरावती, विजयवाड़ा, गुंटूर, बापटला, उत्तरी प्रकाशम, पलनाडु और कृष्णा जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है।
समुद्र में 1.5 से 2 मीटर तक उठ सकती हैं ऊंची लहरें
तूफान के कारण समुद्र में करीब 1.5 से 2 मीटर तक का तूफानी ज्वार उठने की आशंका है। इससे बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के निचले तटीय इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन ने तूफान से पहले संवेदनशील तटीय और निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। आपदा राहत और बचाव दलों को भी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को 4 नवंबर की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने समुद्र से जुड़ी गतिविधियों और तट के आसपास संचालन पर रोक रखने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने को कहा है।
कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार, 3 नवंबर को स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। एनटीआर, नेल्लोर, प्रकाशम और पलनाडु जिलों में शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। बापटला और गुडूर समेत प्रभावित तटीय क्षेत्रों में भी जिला प्रशासन ने स्थिति के अनुसार बंदी के आदेश जारी किए हैं।
तूफान का असर हवाई और रेल यातायात पर भी पड़ा है। चेन्नई, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति से जुड़ी कई उड़ानें रद्द की गई हैं। खराब मौसम के कारण सड़क और रेल सेवाओं में भी बाधा आने की आशंका है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को किया अलर्ट
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से प्रभावित होने वाले जिलों में अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। सोमवार देर रात अधिकारियों के साथ टेली-कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राहत और बचाव तैयारियों की समीक्षा की।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कई मंडलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका है, जबकि करीब 125 मंडलों में भारी बारिश हो सकती है। नायडू ने नेल्लोर, प्रकाशम और कोठापटनम तटीय क्षेत्र में बारिश और हवा की स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में तूफान का ज्यादा असर पड़ने की आशंका है, वहां के लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने जान-माल की सुरक्षा को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। साथ ही नहरों और सिंचाई टैंकों में कटाव या टूटने की आशंका को रोकने तथा बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने पर आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
मुरासु पर लगातार रखी जा रही नजर
मौसम विभाग के अनुसार, मुरासु के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है। हालांकि, इसके कमजोर पड़ने तक तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कई हिस्सों में तेज बारिश और हवाओं का असर बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग तथा स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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