अयोध्या में पंजाब के सर्राफा कारोबारी से हुई लाखों रुपये के सोने की लूट का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से करीब 32 लाख रुपये कीमत के 306 ग्राम सोने के आभूषण, 26,500 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, 170 रुपये और वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा थार बरामद की गई है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी वांछित बताया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई से खुश अमृतसर निवासी सर्राफा कारोबारी सुखविंदर सिंह ने अयोध्या पुलिस की जमकर तारीफ की। उन्होंने पंजाबी अंदाज में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर की प्रशंसा करते हुए कहा- “एसपी साहब, तुसी ग्रेट हो।” पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली और बरामदगी पर संतोष जताते हुए कहा कि उनका एक-एक पैसा पुलिस ने बरामद कर दिया।
सर्राफा कारोबारी से लूट के बाद मचा था हड़कंप
अयोध्या के मकबरा इलाके में 29 अक्टूबर को पंजाब के अमृतसर निवासी सुखविंदर सिंह से लूट की वारदात हुई थी। वह आभूषण कारोबार के सिलसिले में अयोध्या आए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह एक दुकान से निकलकर ई-रिक्शा से जा रहे थे, तभी बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। बैग में बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण थे।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया। शहर के व्यस्त इलाके में सर्राफा कारोबारी को निशाना बनाए जाने के कारण पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव भी था।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित तौर पर वारदात की साजिश में कारोबारी से जुड़ी दुकान के लोगों की भूमिका के बारे में सुराग मिले। पुलिस के मुताबिक, दुकान के सेल्समैन अभिषेक सिंह ने दुकान मालिक के बेटे दिव्यांश उर्फ रौनक गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। इस आरोप की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक नवंबर को गैस गोदाम बैरियर के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिव्यांश उर्फ रौनक गुप्ता निवासी कौशलपुरी कॉलोनी, अयोध्या और अभिषेक सिंह उर्फ तन्नू निवासी मानिकपुर, सुल्तानपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मामले में पहाड़गंज, अयोध्या निवासी सजल तिवारी अभी वांछित है और उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 306 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 26,500 रुपये नकद, 170 रुपये, तीन मोबाइल फोन और महिंद्रा थार वाहन संख्या यूपी 42 सीई 9551 भी बरामद किया गया है।
पुलिस का कहना है कि बरामदगी के आधार पर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पीड़ित ने पुलिस को दिया धन्यवाद
पूरी कार्रवाई के बाद सबसे अलग प्रतिक्रिया पीड़ित सर्राफा कारोबारी सुखविंदर सिंह की रही। अपने सामान की बरामदगी से संतुष्ट कारोबारी ने अयोध्या पुलिस के प्रति आभार जताया। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस ने उनका पूरा माल बरामद कर लिया।
सुखविंदर सिंह ने अयोध्या पुलिस को ईमानदार और बेहतरीन बताते हुए यहां तक कहा कि पंजाब पुलिस को भी इसी तरह काम करना चाहिए। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
एक दूसरे प्रदेश से आने वाले कारोबारी की ओर से स्थानीय पुलिस की इस तरह सार्वजनिक तौर पर सराहना पुलिस के लिए निश्चित तौर पर उत्साह बढ़ाने वाली प्रतिक्रिया मानी जा रही है। खास तौर पर तब, जब मामला लाखों रुपये के सोने की लूट से जुड़ा हो और पीड़ित के सामने अपने कारोबार की बड़ी आर्थिक क्षति का खतरा पैदा हो गया हो।
एसएसपी गौरव ग्रोवर के नेतृत्व में कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस पूरे खुलासे में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने काम किया। कार्रवाई में एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के निर्देशन और सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी के पर्यवेक्षण की भी भूमिका रही।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा, चौकी प्रभारी रोहित कुमार पाण्डेय, एसओजी एवं सर्विलांस प्रभारी अमरेश त्रिपाठी समेत संबंधित पुलिस टीम ने मामले की जांच में भाग लिया। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है।
मामले में तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है। ऐसे में पुलिस की जांच पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को वारदात की पूरी साजिश, भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कानून व्यवस्था पर पीड़ित का भरोसा
अयोध्या में धार्मिक पर्यटन और कारोबार के बढ़ते विस्तार के साथ दूसरे प्रदेशों से बड़ी संख्या में कारोबारी और श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में प्रमुख बाजारों, सर्राफा प्रतिष्ठानों और व्यापारिक मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था का महत्व और बढ़ जाता है।
इस मामले में घटना के बाद तेजी से जांच और लूटे गए सामान की बरामदगी ने पुलिस की कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से की गई गिरफ्तारी और बरामदगी को जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। किसी आरोपी का गिरफ्तार होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय में होगा।
वहीं, पीड़ित कारोबारी की प्रतिक्रिया ने इस कार्रवाई का मानवीय पक्ष भी सामने रखा है। दूसरे प्रदेश से आए व्यापारी के लिए अपने लाखों रुपये के माल की बरामदगी बड़ी राहत है। यही वजह है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों की सार्वजनिक तौर पर सराहना की।
तीसरे आरोपी की तलाश जारी
फिलहाल अयोध्या पुलिस के सामने अगली चुनौती फरार बताए जा रहे सजल तिवारी को गिरफ्तार करने की है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
लूट की घटना के बाद जिस तरह पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है, उससे मामले का खुलासा हुआ है। बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस घटना की पूरी साजिश और फरार आरोपी की भूमिका पर है।
इस बीच सुखविंदर सिंह का “एसपी साहब, तुसी ग्रेट हो” वाला अंदाज अयोध्या पुलिस की कार्रवाई की चर्चा का खास हिस्सा बन गया है। कारोबारी का कहना है कि पुलिस ने उनका पूरा माल बरामद कर दिया, जिससे उनका पुलिस और कानून व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हुआ है।