अयोध्या। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के अयोध्या पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार प्रजापति एडवोकेट के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। संजय सिंह अयोध्या एयरपोर्ट से अपने पैतृक आवास सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में मतदाता सूची, कथित ‘वोट चोरी’, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की गिरफ्तारी के मुद्दे पर केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा।
एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार प्रजापति के साथ पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष वंशराज दुबे, संत श्री आलोक द्विवेदी, राजीव पाठक, यूके द्विवेदी और अखिलेश गौतम समेत कई कार्यकर्ताओं ने संजय सिंह का स्वागत किया।
संजय सिंह के अयोध्या दौरे के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उनके मतदाता सूची और SIR को लेकर दिए गए बयान की रही। उन्होंने दावा किया कि देश में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। संजय सिंह ने यह संख्या 13 करोड़ 37 लाख बताई और आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर संजय सिंह द्वारा लगाए गए ये आंकड़े और आरोप राजनीतिक दावा हैं, जिन्हें चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया और आंकड़ों के संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के नाम हटाने के नाम पर वास्तविक मतदाताओं के नाम भी सूची से बाहर किए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। उनका कहना था कि मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आप सांसद ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और उन राज्यों में चुनाव दोबारा कराने की मांग उठाई, जहां उनकी पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र का उल्लेख किया।
संजय सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं, जबकि चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची का शुद्धिकरण और पात्रता के आधार पर नामों का सत्यापन चुनाव आयोग की नियमित जिम्मेदारी का हिस्सा है। ऐसे में इस पूरे विवाद का वास्तविक आकलन आधिकारिक आंकड़ों और सत्यापन प्रक्रिया से ही किया जा सकता है।
इंडिया गठबंधन की रैली पर भी बोले संजय सिंह
अयोध्या में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय सिंह ने दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी रैली और इंडिया गठबंधन से जुड़े सवालों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी फिलहाल इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है, लेकिन मतदाता सूची और चुनावी निष्पक्षता से जुड़े सवाल ऐसे मुद्दे हैं जिन पर लोकतांत्रिक दलों को चिंता जतानी चाहिए।
संजय सिंह ने कहा कि चुनाव में मतदाता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है तो वह मतदान के अधिकार से वंचित हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता और उसके सत्यापन की प्रक्रिया को सार्वजनिक बहस का विषय बताया।
आजम खान की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा
संजय सिंह ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आजम खान की दोबारा गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उनके मुताबिक जेल से रिहाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई लोकतंत्र में भय और दबाव का माहौल पैदा करने वाली है।
संजय सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कानून का इस्तेमाल बदले की भावना से नहीं होना चाहिए। हालांकि आजम खान के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और इस पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों को संजय सिंह के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
आजम खान की गिरफ्तारी का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। संजय सिंह के बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने भी इस मामले में विपक्षी राजनीति के साथ अपनी आवाज जोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी आजम खान की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर तीखे आरोप लगाए थे।
अयोध्या में AAP का राजनीतिक सक्रियता पर जोर
संजय सिंह का अयोध्या दौरा ऐसे समय हुआ है जब आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा रही है। इससे पहले भी संजय सिंह अयोध्या में पार्टी के कार्यक्रमों में भाजपा और योगी सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमला करते रहे हैं। अक्टूबर में अयोध्या के एक कार्यक्रम में उन्होंने मतदाता सूची और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी सरकार को घेरा था।
अयोध्या में पार्टी के जिला संगठन की सक्रियता भी इस दौरे के दौरान नजर आई। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार प्रजापति एडवोकेट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और स्वागत कार्यक्रम को पार्टी संगठन ने संजय सिंह के दौरे को लेकर अपनी सक्रियता के प्रदर्शन के तौर पर देखा।
जिलाध्यक्ष अनिल कुमार प्रजापति ने कहा कि संजय सिंह का अयोध्या आगमन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए उत्साह और ऊर्जा का विषय है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जनहित और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने स्वागत कार्यक्रम में शामिल सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
संजय सिंह के अयोध्या दौरे में फिलहाल दो मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए—मतदाता सूची को लेकर उनका ‘वोट चोरी’ का आरोप और आजम खान की गिरफ्तारी पर भाजपा सरकार की आलोचना। दोनों ही मुद्दे आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहस का हिस्सा बने रहने की संभावना है। खासतौर पर SIR को लेकर राजनीतिक दलों के अलग-अलग दावों के बीच मतदाता सूची में वास्तविक बदलाव और चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया इस विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष रहेगी।
अयोध्या एयरपोर्ट पर संजय सिंह के स्वागत के बाद उनका काफिला सुल्तानपुर की ओर रवाना हुआ। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस दौरे को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर उत्साह जताया।