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पदयात्रा की तैयारियों पर भाजपा ने बनाई रणनीति

बस्ती। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर आगामी 4 नवंबर को गोरखपुर में प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बस्ती जिले से बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने, मंडल स्तर पर संपर्क बढ़ाने तथा गोरखपुर पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के बीच […]

गोरखपुर पदयात्रा की तैयारी में जुटी बस्ती भाजपा

बस्ती। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर आगामी 4 नवंबर को गोरखपुर में प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बस्ती जिले से बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने, मंडल स्तर पर संपर्क बढ़ाने तथा गोरखपुर पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की रणनीति बनाई गई।

बैठक के मुख्य वक्ता भाजपा के जिला प्रभारी एवं क्षेत्रीय महामंत्री डॉ. सत्येन्द्र सिन्हा रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक शक्ति उसके सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। इसी आधार पर 4 नवंबर की गोरखपुर पदयात्रा में बस्ती से व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और संगठन से जुड़े अन्य जिम्मेदार कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क तेज करने को कहा। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि गोरखपुर जाने वाले कार्यकर्ताओं को पहले से जानकारी दी जाए और अलग-अलग संगठनात्मक इकाइयों के बीच समन्वय बनाकर कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

डॉ. सत्येन्द्र सिन्हा ने कहा कि पार्टी इस अभियान के माध्यम से अपने राजनीतिक और संगठनात्मक संदेश को जनता तक पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि कार्यक्रम को केवल संगठनात्मक उपस्थिति तक सीमित न रखा जाए, बल्कि लोगों के बीच जाकर अभियान के विषयों को भी समझाया जाए।

भाजपा की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान को उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर जारी कार्यक्रम के अनुसार अवध क्षेत्र में 3 नवंबर को लखनऊ में पदयात्रा प्रस्तावित है, जबकि 4 नवंबर को काशी क्षेत्र की पदयात्रा प्रयागराज, गोरखपुर क्षेत्र की गोरखपुर और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की कानपुर में आयोजित की जानी है। पश्चिम क्षेत्र के लिए गाजियाबाद और ब्रज क्षेत्र के लिए बरेली में भी कार्यक्रम तय किए गए हैं।

यह अभियान भाजपा की उस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पार्टी विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया, संवैधानिक संस्थाओं और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब जनता के बीच देने की बात कह रही है।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। पार्टी ने अपने पदाधिकारियों से इन मुद्दों पर जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखने को कहा है। यह भाजपा का राजनीतिक आरोप और अभियान का घोषित पक्ष है; विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर अलग-अलग आपत्तियां तथा तर्क सामने रखे गए हैं।

प्रदेश स्तर की तैयारियों में भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने कहा है कि पार्टी सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालेगी। पार्टी इन कार्यक्रमों में पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों से जुड़े लोगों के साथ सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

इसी प्रदेशव्यापी कार्यक्रम की गोरखपुर क्षेत्र की कड़ी में बस्ती जिला संगठन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने बैठक में कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठन की विचारधारा और पार्टी की ओर से उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि गोरखपुर पदयात्रा को सफल बनाने के लिए केवल जिला स्तर के पदाधिकारियों पर निर्भर रहने के बजाय मंडल स्तर तक जिम्मेदारियां बांटी जानी चाहिए।

बैठक में जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रभारियों के बीच समन्वय को सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल किया गया।

विवेकानंद मिश्र ने कार्यकर्ताओं से निर्धारित तारीख पर बड़ी संख्या में गोरखपुर पहुंचने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बस्ती जिले की अलग-अलग संगठनात्मक इकाइयों से आने वाले कार्यकर्ताओं की भागीदारी ऐसी होनी चाहिए कि कार्यक्रम में जिले की प्रभावी उपस्थिति दिखाई दे।

बस्ती भाजपा की बैठक में गोरखपुर कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया गया है। स्थानीय संगठनात्मक सूचना में उनकी उपस्थिति को प्रस्तावित रूप में ही दर्ज किया गया है।

हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष के गोरखपुर कार्यक्रम को लेकर अभी सावधानी जरूरी है।

प्रदेश स्तर पर सार्वजनिक रूप से सामने आए कार्यक्रम में नितिन नवीन के 1 नवंबर को बरेली में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान की पदयात्रा में शामिल होने की पुष्टि की गई है। उसी कार्यक्रम में गोरखपुर की क्षेत्रीय पदयात्रा 4 नवंबर को निर्धारित है, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष की गोरखपुर उपस्थिति की अलग स्वतंत्र औपचारिक पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए बस्ती बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार उनका गोरखपुर आगमन फिलहाल प्रस्तावित माना जाना अधिक सटीक है।

नितिन नवीन वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अगस्त 2026 में उनकी अध्यक्षता में भाजपा के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई थी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद संगठनात्मक स्तर पर उनकी उत्तर प्रदेश में गतिविधियां भी बढ़ी हैं और 1 नवंबर का बरेली कार्यक्रम इसी अभियान के तहत उनके घोषित प्रदेश कार्यक्रमों में शामिल है।

वहीं गोरखपुर की 4 नवंबर की पदयात्रा को लेकर केवल बस्ती ही नहीं बल्कि गोरखपुर क्षेत्र से जुड़े अन्य जिलों में भी बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

सिद्धार्थनगर भाजपा की बैठक में भी 4 नवंबर के गोरखपुर कार्यक्रम के लिए व्यापक कार्यकर्ता भागीदारी पर चर्चा की गई है। वहां जिला संगठन ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से हजारों कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल करने का लक्ष्य रखा है।

कुशीनगर भाजपा संगठन ने भी इसी पदयात्रा को लेकर तैयारी बैठक आयोजित की और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां तय कीं।

इससे साफ है कि 4 नवंबर की पदयात्रा को भाजपा केवल गोरखपुर शहर का स्थानीय कार्यक्रम नहीं मान रही बल्कि पूरे गोरखपुर संगठनात्मक क्षेत्र का क्षेत्रीय कार्यक्रम बनाया जा रहा है।

गोरखपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को कार्यक्रम में जुटाने की तैयारी की जा रही है।

इसी कारण बस्ती में हुई बैठक का प्रमुख फोकस स्थानीय राजनीतिक भाषण से अधिक संगठनात्मक तैयारी पर रहा।

कौन पदाधिकारी किस क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से संपर्क करेगा, मंडल स्तर पर सहभागिता कैसे बढ़ाई जाएगी और निर्धारित दिन कार्यकर्ताओं को गोरखपुर पहुंचाने के लिए किस स्तर पर समन्वय किया जाएगा—इन बिंदुओं पर चर्चा की गई।

राजनीतिक कार्यक्रमों में जिला और मंडल संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

प्रदेश संगठन कार्यक्रम घोषित करता है, लेकिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की वास्तविक भागीदारी जिला, विधानसभा, मंडल और बूथ स्तर के नेटवर्क पर निर्भर करती है।

यही वजह है कि भाजपा ने गोरखपुर क्षेत्र के विभिन्न जिलों में पहले से तैयारी बैठकें शुरू कर दी हैं।

बस्ती की बैठक में भी मंडल अध्यक्षों और मंडल प्रभारियों को विशेष भूमिका दिए जाने की बात कही गई।

इन पदाधिकारियों के माध्यम से स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाई जाएगी।

इसके साथ ही भाजपा अपने संगठनात्मक नेटवर्क के माध्यम से अभियान का राजनीतिक संदेश भी नीचे तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

पार्टी ने इस अभियान को ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ नाम दिया है।

भाजपा का कहना है कि वह इसके माध्यम से चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की ओर से किए जा रहे विरोध का जवाब देगी।

पार्टी नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताते हुए इसके मुकाबले जनता के बीच अपनी बात रखने का निर्णय किया है।

दूसरी ओर विपक्ष लगातार मतदाता सूचियों, SIR और चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाता रहा है।

इसलिए भाजपा की पदयात्राओं को केवल सामान्य संगठनात्मक कार्यक्रम के रूप में नहीं बल्कि चल रही व्यापक राजनीतिक बहस के जवाब में पार्टी के जनसंपर्क अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है।

इसमें दोनों पक्ष अपने-अपने राजनीतिक तर्क जनता के सामने रख रहे हैं।

भाजपा ने अपने अभियान के लिए ‘लोकतंत्र की हुंकार और अराजकता की हार’ जैसे राजनीतिक संदेश को भी आगे रखा है। पार्टी का कहना है कि वह राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों को अभियान के विषयों के रूप में जनता के सामने रखेगी।

इन शब्दों और विपक्ष को लेकर लगाए गए आरोपों को भाजपा के राजनीतिक पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में।

पदयात्रा जैसे आयोजन राजनीतिक दलों के लिए कई स्तरों पर महत्वपूर्ण होते हैं।

पहला उद्देश्य सीधे कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना होता है।

दूसरा उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पार्टी की संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करना होता है।

तीसरा उद्देश्य किसी विशेष राजनीतिक मुद्दे पर पार्टी का संदेश सीधे लोगों तक पहुंचाना होता है।

गोरखपुर की पदयात्रा में भी भाजपा इन्हीं तीनों स्तरों पर तैयारी कर रही है।

बस्ती संगठन की बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बार-बार जोर इसी वजह से दिया गया।

जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता तभी संभव है जब जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और मंडल प्रभारी अपनी जिम्मेदारियों का समन्वित तरीके से निर्वहन करें।

बैठक में यह संकेत भी दिया गया कि गोरखपुर पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए अंतिम दिनों में स्थानीय स्तर पर संपर्क अभियान और तेज किया जाएगा।

हालांकि बस्ती से कितने कार्यकर्ताओं को गोरखपुर ले जाने का आधिकारिक संख्यात्मक लक्ष्य तय किया गया है, इसकी स्पष्ट जानकारी बैठक से सामने नहीं आई है।

इसलिए सहभागिता को लेकर किसी निश्चित संख्या का दावा करना उचित नहीं होगा।

सिद्धार्थनगर जैसी कुछ दूसरी जिला इकाइयों ने अपने लक्ष्य सार्वजनिक किए हैं, लेकिन बस्ती संगठन की ओर से अभी केवल “बड़ी संख्या” में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

बैठक में जिला संगठन से जुड़े बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इनमें पवन कसौधन, रवि सोनकर, संजय चौधरी, अंकुर वर्मा, सुशील सिंह, राजेश पाल चौधरी, वैभव पांडेय, यशकांत सिंह, राम श्रृंगार ओझा, अरविंद पाल, संगीता जायसवाल, अमृत वर्मा, प्रत्युष विक्रम सिंह, भानु प्रकाश मिश्रा, दिलीप पांडेय, विनय यादव और राकेश श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

जिला मीडिया प्रभारी अजय पाल सिंह भी बैठक में उपस्थित रहे।

स्थानीय रिपोर्ट में बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों की सूची और भी विस्तृत है। इससे पता चलता है कि जिला संगठन ने इसे सीमित पदाधिकारी बैठक के बजाय व्यापक संगठनात्मक तैयारी के रूप में आयोजित किया।

बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर गोरखपुर कार्यक्रम की तैयारी आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

पार्टी के लिए अब अगला चरण मंडल और स्थानीय इकाइयों तक कार्यक्रम की सूचना पहुंचाना होगा।

4 नवंबर तक उपलब्ध समय में कार्यकर्ताओं की सूची, संपर्क और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने जैसी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रदेशव्यापी स्तर पर भी भाजपा के लिए नवंबर के शुरुआती पांच दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

1 नवंबर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बरेली कार्यक्रम के साथ अभियान को प्रमुख राजनीतिक गति मिलने की तैयारी है।

इसके बाद 3 नवंबर को लखनऊ और 4 नवंबर को तीन अलग संगठनात्मक क्षेत्रों में बड़े कार्यक्रम होंगे। 5 नवंबर को अन्य क्षेत्रीय पदयात्राओं के साथ अभियान का यह चरण आगे बढ़ेगा।

गोरखपुर की पदयात्रा इसलिए भी संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें गोरखपुर क्षेत्र के कई जिलों को एक साथ जोड़ा जा रहा है।

बस्ती, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में सामने आई तैयारी बैठकों से स्पष्ट है कि भाजपा जिला इकाइयों को क्षेत्रीय कार्यक्रम में अधिकतम कार्यकर्ता भागीदारी का दायित्व दिया गया है।

आने वाले दिनों में गोरखपुर और आसपास के दूसरे जिलों से भी ऐसे कार्यक्रमों और बैठकों की जानकारी सामने आ सकती है।

बस्ती में हुई बैठक का केंद्रीय संदेश फिलहाल स्पष्ट है—जिला नेतृत्व चाहता है कि 4 नवंबर को गोरखपुर में होने वाली पदयात्रा में जिले की मजबूत संगठनात्मक उपस्थिति रहे।

डॉ. सत्येन्द्र सिन्हा ने कार्यकर्ताओं को संगठन की मुख्य शक्ति बताते हुए भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र ने मंडल स्तर तक समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान किया।

अब जिला पदाधिकारी और मंडल संगठन इस रणनीति को जमीन पर लागू करेंगे।

गोरखपुर में होने वाला कार्यक्रम भाजपा के प्रदेशव्यापी राजनीतिक अभियान की प्रमुख क्षेत्रीय कड़ी होगा।

पार्टी इसे विपक्ष के चुनावी और संवैधानिक मुद्दों से जुड़े आरोपों के जवाब के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जबकि विपक्ष अपने सवालों और विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार तथा चुनावी पारदर्शिता से जोड़ता रहा है।

ऐसे में आने वाले दिनों में यह अभियान राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।

4 नवंबर की गोरखपुर पदयात्रा से पहले सबसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक सवाल यह रहेगा कि विभिन्न जिलों से भाजपा कितने कार्यकर्ताओं को एक स्थान पर जुटा पाती है।

बस्ती भाजपा ने इसके लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है और जिला से लेकर मंडल स्तर तक जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की गोरखपुर कार्यक्रम में भागीदारी को बस्ती संगठन ने प्रस्तावित बताया है। अंतिम कार्यक्रम की औपचारिक पुष्टि होने के बाद ही उनकी उपस्थिति निश्चित मानी जाएगी।

फिलहाल इतना तय है कि 4 नवंबर को गोरखपुर क्षेत्र की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निर्धारित है और बस्ती भाजपा ने इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को शामिल कराने के लिए संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी है।

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