बस्ती। चौधरी चरण सिंह महाविद्यालय में आयोजित 172वें एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के छठवें दिन कैडेट्स के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। शिविर में शामिल कैडेट्स को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, प्राथमिक उपचार देने, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने, सामान्य चिकित्सा आपात स्थितियों से निपटने और व्यक्तित्व व चरित्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में कुल 480 कैडेट्स उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य कैडेट्स को केवल सैन्य अनुशासन और नियमित अभ्यास तक सीमित न रखते हुए उन्हें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार करना भी है। नेतृत्व क्षमता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने जैसे विषय विद्यार्थियों के व्यक्तिगत विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में सहायक होते हैं।
एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान कैडेट्स को अलग-अलग विषयों पर जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अनुशासन, आत्मविश्वास, सहयोग और निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर सकें। छठवें दिन आयोजित विशेष सत्र में भी इन्हीं व्यावहारिक क्षमताओं पर जोर दिया गया।
नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर
शिविर के प्रशिक्षण सत्र में कैडेट्स को लीडरशिप यानी नेतृत्व क्षमता के महत्व के बारे में बताया गया। नेतृत्व का उद्देश्य केवल किसी समूह को निर्देश देना नहीं, बल्कि सामूहिक लक्ष्य निर्धारित करना, जिम्मेदारियों को समझना, साथियों के साथ समन्वय स्थापित करना और परिस्थितियों के अनुसार उचित निर्णय लेना भी है।
एनसीसी प्रशिक्षण में नेतृत्व क्षमता का विशेष महत्व होता है। कैडेट्स को समूह में कार्य करने, अनुशासन बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के अवसर मिलते हैं। ऐसे प्रशिक्षण से उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नेतृत्व से संबंधित प्रशिक्षण विद्यार्थियों के शैक्षणिक और सामाजिक जीवन में भी उपयोगी होता है। समूह गतिविधियों में भाग लेने, दूसरों की बात सुनने और सामूहिक हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की आदत उन्हें भविष्य में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार कर सकती है।
फर्स्ट एड और मेडिकल इमरजेंसी की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण शिविर के छठवें दिन कैडेट्स को फर्स्ट एड यानी प्राथमिक उपचार तथा कॉमन मेडिकल इमरजेंसी से संबंधित विषयों की जानकारी दी गई। किसी दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य समस्या के दौरान शुरुआती सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में सही जानकारी होने से प्रशिक्षित व्यक्ति चिकित्सा सहायता पहुंचने तक पीड़ित की मदद करने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने में योगदान दे सकता है।
प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों में घबराने के बजाय सावधानीपूर्वक कदम उठाने के लिए तैयार करता है। हालांकि, गंभीर चोट या अचानक बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी होता है। प्राथमिक उपचार पेशेवर चिकित्सा का विकल्प नहीं है, बल्कि सहायता पहुंचने तक की प्रारंभिक प्रक्रिया है।
एनसीसी कैडेट्स के लिए इस प्रकार का प्रशिक्षण इसलिए भी उपयोगी है, क्योंकि वे शिविरों, सामूहिक गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों की बुनियादी समझ उन्हें जरूरत के समय जिम्मेदारी से प्रतिक्रिया देने में मदद कर सकती है।
हेल्थ एंड हाइजीन के प्रति जागरूकता
शिविर में हेल्थ एंड हाइजीन यानी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के विषय पर भी जानकारी दी गई। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और साफ-सफाई के महत्व को समझना विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्वच्छता का सीधा संबंध संक्रमण से बचाव और स्वस्थ वातावरण बनाए रखने से है। व्यक्तिगत साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, संतुलित खानपान और नियमित दिनचर्या जैसी आदतें स्वास्थ्य की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रशिक्षण शिविर जैसे सामूहिक आयोजनों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बड़ी संख्या में कैडेट्स एक साथ रहते और प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लेते हैं। ऐसे वातावरण में साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन सभी प्रतिभागियों के हित में होता है।
व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान
कैडेट्स को पर्सनालिटी एंड कैरेक्टर डेवलपमेंट यानी व्यक्तित्व एवं चरित्र विकास के विषय पर भी जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और दूसरों के प्रति सम्मान जैसी विशेषताओं को प्रोत्साहित करना है।
व्यक्तित्व विकास में संवाद कौशल, व्यवहार, आत्मनियंत्रण और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। वहीं चरित्र निर्माण में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों की भूमिका होती है।
एनसीसी का प्रशिक्षण युवाओं को इन गुणों के महत्व से परिचित कराने का एक माध्यम है। नियमित प्रशिक्षण और सामूहिक गतिविधियों के जरिए कैडेट्स को समय का पालन करने, निर्धारित जिम्मेदारियों को पूरा करने और समूह के साथ समन्वय बनाकर काम करने का अनुभव मिलता है।
सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में चल रहा शिविर
172वें एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में कई सैन्य अधिकारी और प्रशिक्षक मौजूद रहे। इस अवसर पर डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल विशाल सिंह, मेजर राजेंद्र बौद्ध, कैप्टन राजेश यादव, कैप्टन जितेंद्र कुमार सिंह शाही और कैप्टन संदीप कुमार उपस्थित रहे।
इसके अलावा सूबेदार मेजर पूरन चंद पांडे, सूबेदार वीर बहादुर थापा, सूबेदार प्रेम सिंह और सूबेदार सोहन लाल सहित अन्य अधिकारी भी शिविर में मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति में कैडेट्स को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिविर में 480 कैडेट्स की भागीदारी इसे युवाओं के प्रशिक्षण और सामूहिक अनुशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को नेतृत्व, स्वास्थ्य, प्राथमिक उपचार और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं में अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना
एनसीसी प्रशिक्षण का व्यापक उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। शिविरों के माध्यम से कैडेट्स को सामूहिक जीवन, नियमित दिनचर्या और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का अनुभव मिलता है।
बस्ती के चौधरी चरण सिंह महाविद्यालय में चल रहे 172वें संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता से लेकर व्यक्तित्व विकास तक के विषयों को शामिल किया गया है। ये विषय कैडेट्स को प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
शिविर के छठवें दिन आयोजित विशेष प्रशिक्षण सत्र में 480 कैडेट्स ने भाग लिया। नेतृत्व क्षमता, प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, सामान्य चिकित्सा आपात स्थितियों और व्यक्तित्व व चरित्र निर्माण पर केंद्रित इस प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को जिम्मेदार, अनुशासित और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में तैयार करने पर जोर दिया गया।