मऊरानीपुर (झांसी)। मऊरानीपुर बस स्टैंड पर बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब छतरपुर से झांसी जा रहे अमृतसर के एक सर्राफा व्यापारी के ज्वेलरी और नकदी से भरे दो बैग संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए। व्यापारी के मुताबिक दोनों बैग में करीब पांच करोड़ रुपये कीमत के जेवर और 15 लाख रुपये नकद रखे थे। घटना के बाद व्यापारी ने दो संदिग्ध व्यक्तियों पर बैग लेकर चार पहिया वाहन से फरार होने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए संदिग्ध वाहन के नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
व्यापारी की ओर से बताई गई रकम और जेवर की कीमत बेहद बड़ी होने के कारण मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में भी सक्रियता बढ़ गई। क्षेत्राधिकारी रत्नेश सिंह के अनुसार आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। शुरुआती जांच में मध्य प्रदेश के अलीपुर टोल के पास एक संदिग्ध चार पहिया वाहन का नंबर सामने आया है। पुलिस इसी वाहन और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि ज्वेलरी की वास्तविक कीमत और नकदी की मात्रा की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
बस स्टैंड पर भीड़ के बीच गायब हुए बैग
जानकारी के मुताबिक अमृतसर निवासी सर्राफा व्यापारी कीरत सिंह अपने साथी रामेश्वर के साथ बुधवार को निजी बस से छतरपुर से झांसी की ओर जा रहे थे। उनके साथ ज्वेलरी और नकदी से भरे दो बैग थे। शाम करीब 5:50 बजे बस मऊरानीपुर बस स्टैंड पहुंची। इस दौरान यात्रियों के उतरने और चढ़ने के कारण बस और बस स्टैंड परिसर में काफी भीड़ थी।
व्यापारी के मुताबिक इसी भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात लोगों ने दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। व्यापारी के साथी ने कथित तौर पर संदिग्ध लोगों को बैग लेकर चार पहिया वाहन की ओर जाते देखा। इसके बाद दोनों संदिग्ध वाहन से फरार हो गए।
घटना के बाद व्यापारी और उसके साथी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। बड़ी मात्रा में ज्वेलरी और नकदी होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की।
व्यापारी ने बताई पांच करोड़ की ज्वेलरी
व्यापारी कीरत सिंह के अनुसार दोनों बैग में करीब पांच करोड़ रुपये कीमत की ज्वेलरी और 15 लाख रुपये नकद थे। हालांकि यह आंकड़ा फिलहाल व्यापारी की ओर से बताया गया है। पुलिस का कहना है कि जेवरों की वास्तविक कीमत, उनकी मात्रा और नकदी की रकम की पुष्टि दस्तावेजों और जांच के आधार पर की जाएगी।
इतनी बड़ी मात्रा में ज्वेलरी एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की परिस्थितियां भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि व्यापारी के पास मौजूद माल का पूरा विवरण क्या था, ज्वेलरी किन कारोबारियों या ग्राहकों तक पहुंचाई जानी थी और यात्रा के दौरान बैग की निगरानी किस तरह की जा रही थी।
अमृतसर में है दुकान और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
कीरत सिंह के मुताबिक अमृतसर में उनकी ‘मॉडर्न ज्वेलर्स’ के नाम से दुकान और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। उनका कारोबार अलग-अलग शहरों में ऑर्डर पर तैयार की गई ज्वेलरी पहुंचाने से जुड़ा है। वह छतरपुर, महोबा, मऊरानीपुर, ग्वालियर और दिल्ली समेत विभिन्न शहरों में ज्वेलरी की सप्लाई करते हैं।
इसी सिलसिले में वह बुधवार को छतरपुर से झांसी जा रहे थे। उनके साथ उनका साथी रामेश्वर भी था। पुलिस अब व्यापारी की यात्रा के पूरे रूट और रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख स्थानों की जानकारी भी जुटा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्धों ने उन्हें किस स्थान से निशाना बनाया और क्या वारदात बस स्टैंड पर ही हुई या इससे पहले से कोई निगरानी की जा रही थी।
संदिग्ध वाहन पुलिस जांच के केंद्र में
घटना के बाद पुलिस की जांच में संदिग्ध चार पहिया वाहन का नंबर अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस क्षेत्राधिकारी रत्नेश सिंह के मुताबिक शुरुआती जांच में मध्य प्रदेश के अलीपुर टोल के पास से एक संदिग्ध वाहन का नंबर मिला है। पुलिस इसी आधार पर वाहन की आवाजाही और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
जांच के दौरान पुलिस बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है। बस स्टैंड पर आने-जाने वाले वाहनों, यात्रियों और संदिग्ध गतिविधियों की फुटेज से आरोपियों की पहचान में मदद मिल सकती है। इसके अलावा जिस रास्ते से संदिग्ध वाहन के मध्य प्रदेश की ओर जाने की आशंका है, वहां के कैमरों और टोल रिकॉर्ड की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
सर्राफा कारोबारियों में भी चिंता
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय सर्राफा कारोबारी भी मौके पर पहुंचे। सर्राफा एसोसिएशन से जुड़े कारोबारियों ने पुलिस से मामले का जल्द खुलासा करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और कथित तौर पर गायब ज्वेलरी तथा नकदी बरामद करने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में ज्वेलरी लेकर यात्रा करने वाले कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। हालांकि किसी कारोबारी को यात्रा के दौरान किस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था अपनानी चाहिए, यह परिस्थितियों और स्थानीय व्यवस्था पर निर्भर करता है, लेकिन इस घटना ने सर्राफा कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ाई है।
पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं
क्षेत्राधिकारी रत्नेश सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस संदिग्ध वाहन, संभावित आरोपियों और घटना के समय बस स्टैंड पर मौजूद लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कथित तौर पर गायब हुए दोनों बैग और उनमें मौजूद सामान का पता लगाना है। इसके साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और क्या आरोपियों ने पहले से व्यापारी की गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी।
जांच में व्यापारी और उसके साथी के बयान भी महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर सकती है कि बैग बस के किस हिस्से में रखे थे, घटना का पता कब चला, दोनों संदिग्धों को किसने देखा और वाहन किस दिशा में गया।
वास्तविक नुकसान की पुष्टि जांच के बाद
फिलहाल इस मामले में करीब पांच करोड़ रुपये की ज्वेलरी और 15 लाख रुपये नकदी का आंकड़ा व्यापारी की ओर से बताया गया है। पुलिस ने भी संकेत दिया है कि वास्तविक कीमत और नकदी की मात्रा की पुष्टि जांच के बाद होगी।
ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इस रकम को अंतिम और आधिकारिक नुकसान मानना उचित नहीं होगा। पुलिस दस्तावेजों, ज्वेलरी के रिकॉर्ड, बिल या अन्य कारोबारी अभिलेखों के आधार पर कथित नुकसान का सत्यापन कर सकती है।
घटना को लेकर पुलिस की जांच जारी है। संदिग्ध वाहन की पहचान और उसकी गतिविधियों से जुड़े सुराग मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस का मुख्य लक्ष्य आरोपियों तक पहुंचना और कथित तौर पर गायब हुए जेवर व नकदी की बरामदगी करना है।