“ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर स्थित PNB शाखा में 20 खाताधारकों के करीब 17 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। पुलिस ने बैंक कर्मचारियों पर FIR दर्ज की, आठ कर्मचारी निलंबित किए गए।“
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में खाताधारकों की जमा रकम कथित तौर पर गबन किए जाने का मामला सामने आया है। पाई-1 स्थित ऐच्छर शाखा में हुई इस कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बैंक कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, अब तक 20 खाताधारकों की शिकायत के आधार पर करीब 17 करोड़ रुपये की रकम से जुड़े मामले में कार्रवाई शुरू की गई है।
वहीं, बैंक के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों का दावा है कि घोटाले की कुल रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि, इस बड़े आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले के सामने आने के बाद बैंक के ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है और बड़ी संख्या में लोग अपने खाते तथा लॉकर की स्थिति जांचने पहुंच रहे हैं।
20 खाताधारकों की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
बीटा-2 कोतवाली के थाना प्रभारी विनोद कुमार के मुताबिक, 20 खाताधारकों की शिकायत मिलने के बाद बैंक कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ताओं में श्रीचंद, अतेंद्र, चतर सिंह, विजयपाल, अमीचंद और बिजेंद्र समेत अन्य लोग शामिल हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने कथित मिलीभगत से उनकी जानकारी और अनुमति के बिना खातों से रकम निकालकर दूसरे खातों में भेज दी। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ताओं से जुड़े खातों से करीब 17 करोड़ रुपये की रकम निकली है। मामले की जांच के दौरान बैंक के लेनदेन और संबंधित खातों की पड़ताल की जा रही है।
छह खातों में ट्रांसफर की गई रकम
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से रकम छह खातों में ट्रांसफर की गई। बताया जा रहा है कि इन खातों को फ्रीज किए जाने तक रकम आगे दूसरे खातों में भेजी जा चुकी थी।
इस वजह से जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि रकम किन-किन खातों से होकर कहां पहुंची। बैंकिंग लेनदेन की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है, ताकि धनराशि के अंतिम लाभार्थियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
आठ बैंककर्मी निलंबित, मुंबई और नोएडा की टीमें जांच में जुटीं
मामले में बैंक के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि आठ कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। बैंक की मुंबई और नोएडा की टीमें भी जांच में जुटी हैं।
जांच में बैंक कर्मचारियों की भूमिका, खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन और रकम के स्थानांतरण से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, निलंबन को किसी कर्मचारी के दोषी साबित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
2025 से चल रही थी गड़बड़ी की आशंका
खाताधारकों का दावा है कि बैंक में कथित गड़बड़ी का सिलसिला वर्ष 2025 से चल रहा था। इस दौरान सबसे ज्यादा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को निशाना बनाया गया। आरोप है कि ग्राहकों की एफडी समय से पहले तुड़वाकर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
ग्राहकों और सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि ट्रांसफर की गई रकम का बड़ा हिस्सा गोवा और झारखंड के दो बैंकों में पहुंचा। जांच में इन खातों और लेनदेन की कड़ी की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैंक खातों के मैसेज अलर्ट बंद करने का भी आरोप
इस मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। खाताधारकों का दावा है कि उनके मोबाइल पर लेनदेन से जुड़े संदेश न पहुंचें, इसके लिए सिस्टम में मैसेज अलर्ट बंद कर दिए गए थे।
यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि अलर्ट किस स्तर पर और किसकी अनुमति से बंद किए गए। फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।
महिला कर्मचारी ज्योति और उसके भाई की भूमिका पर सवाल
मामले में बैंक से जुड़ी महिला कर्मचारी ज्योति और उसके भाई की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ खाताधारकों का आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुंचे तो उन्हें समझाकर शांत करने की कोशिश की गई।
कुछ ग्राहकों ने बैंक कर्मचारियों के साथ अपने अच्छे संबंध और उधार के लेनदेन की बात भी कही है। कई खाताधारकों का दावा है कि उन्होंने पेटीएम के जरिए 80 हजार रुपये तक के लेनदेन का रिकॉर्ड भी दिखाया है।
हालांकि, इन आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका को दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता। पुलिस और बैंक की जांच में ही संबंधित लोगों के लेनदेन और भूमिका की पुष्टि हो सकेगी।
किसान कोटे में करोड़ों के प्लॉट की खरीद की चर्चा
मामले से जुड़ी जानकारी में यह दावा भी सामने आया है कि संबंधित महिला कर्मचारी ने करीब 20 दिन पहले किसान कोटे के तहत छह प्रतिशत वाले करोड़ों रुपये के प्लॉट की खरीद की थी। अब इस संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की भी जांच की मांग उठ रही है।
हालांकि, संपत्ति खरीदने और कथित गबन के बीच किसी संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जांच में वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भूमिका अहम हो सकती है।
बैंक के खाते और लॉकर जांचने पहुंच रहे ग्राहक
ऐच्छर शाखा के आसपास 50 से अधिक सोसायटियां, 10 से ज्यादा गांव और कई सेक्टर हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के खाते इस बैंक शाखा में हैं।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद ग्राहक अपने खाते और लॉकर की स्थिति जानने के लिए बैंक पहुंच रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि कहीं उनकी जमा पूंजी भी इस कथित गड़बड़ी की चपेट में तो नहीं आई।
बैंक परिसर में धरना, रकम वापस दिलाने की मांग
मामले में कार्रवाई और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर किसान संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैंक परिसर में धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस, बैंक प्रबंधन और जांच टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती खातों से निकली रकम का पता लगाना और ग्राहकों की जमा पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही घोटाले की वास्तविक रकम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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