“लखनऊ के फैजुल्लागंज के पास प्रबंध नगर में 2,000 एकड़ में हाईटेक कॉलोनी विकसित करने की तैयारी है। 12 नवंबर को प्रस्तावित भूमिपूजन, 182 करोड़ के बंधे और प्लॉट की संभावित दर की पूरी जानकारी पढ़ें।“
लखनऊ। राजधानी के फैजुल्लागंज के पास प्रबंध नगर में एक नई हाईटेक आवासीय कॉलोनी विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की इस महत्वाकांक्षी योजना को करीब 2,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने का प्रस्ताव है। कॉलोनी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ बाढ़ और जलभराव की समस्या से सुरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रस्तावित योजना का भूमिपूजन 12 नवंबर को किए जाने की तैयारी है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस परियोजना के साथ फैजुल्लागंज से आईआईएम रोड तक करीब 182 करोड़ रुपये की लागत से बंधा और पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना भी प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य इलाके को बाढ़ और जलभराव से बचाना है। एलडीए की ओर से इस कार्य की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।
चंद्रिका देवी मंदिर के नाम पर हो सकता है योजना का नाम
प्रबंध नगर में विकसित होने वाली इस टाउनशिप का नाम भी चर्चा में है। एलडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि चंद्रिका देवी मंदिर के नजदीक होने के कारण इस योजना का नाम ‘चंद्रिका योजना’ रखा जा सकता है।
हालांकि, नाम को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस पर एलडीए की आगामी बोर्ड बैठक में फैसला लिया जा सकता है। योजना को राजधानी के प्रमुख और व्यवस्थित आवासीय क्षेत्रों में शामिल करने की तैयारी है।
पांच सेक्टर में विकसित होगी नई टाउनशिप
एलडीए की योजना के अनुसार, प्रस्तावित कॉलोनी को पांच सेक्टर में विकसित किया जाएगा। इसमें अलग-अलग आय वर्ग और जरूरतों को ध्यान में रखकर आवासीय भूखंडों का निर्धारण किया जा रहा है।
योजना में छोटे और मध्यम आकार के प्लॉट को प्राथमिकता देने की तैयारी है, ताकि मध्यम वर्ग के परिवार भी अपनी जरूरत और बजट के अनुसार जमीन खरीदकर मकान बना सकें।
112 से 345 वर्गमीटर तक के प्लॉट का विकल्प
प्रस्तावित योजना में 112 से 345 वर्गमीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराने की बात कही गई है। बड़े प्लॉट की तुलना में छोटे और मध्यम आकार के भूखंडों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इससे जमीन की कीमत अपेक्षाकृत नियंत्रण में रखने और अधिक परिवारों को आवासीय योजना का लाभ देने की कोशिश होगी।
इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए भी भूखंड आरक्षित रखने की योजना है। इससे कम आय वाले परिवारों को भी इस टाउनशिप में आवासीय जमीन पाने का अवसर मिल सकता है।
4,000 रुपये प्रति वर्गफुट हो सकती है जमीन की दर
योजना में जमीन की संभावित कीमत करीब 4,000 रुपये प्रति वर्गफुट बताई जा रही है। हालांकि, यह दर अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।
एलडीए अधिकारियों के संकेतों के मुताबिक, ग्रीन बेल्ट के लिए कितनी जमीन की जरूरत पड़ेगी, इसका असर परियोजना की कुल लागत पर होगा। यदि ग्रीन बेल्ट के लिए कम भूमि की आवश्यकता पड़ती है और विकास योग्य क्षेत्र बढ़ता है तो प्रति इकाई विकास लागत कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में जमीन की दर लगभग 4,000 रुपये प्रति वर्गफुट के आसपास रखे जाने की संभावना है।
चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड बिजली और आधुनिक सुविधाएं
प्रबंध नगर टाउनशिप को आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस करने की योजना है। प्रस्तावित सुविधाओं में चौड़ी सड़कें, भूमिगत बिजली की लाइनें, आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, बड़े पार्क और व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं।
इसके साथ ही कॉलोनी को मुख्य हाईवे और आउटर रिंग रोड से जोड़ने की योजना भी बनाई जा रही है। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने और आवागमन आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
बाढ़ और जलभराव से बचाव के लिए 182 करोड़ का प्रोजेक्ट
फैजुल्लागंज और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को देखते हुए इस योजना में जलनिकासी और बाढ़ नियंत्रण को अहम हिस्सा बनाया गया है। फैजुल्लागंज से आईआईएम रोड तक करीब 182 करोड़ रुपये की लागत से बंधा और पंपिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है।
इस परियोजना का मकसद बारिश के दौरान पानी के जमाव और बाढ़ के खतरे को कम करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बंधे और पंपिंग स्टेशन के जरिए इलाके में जलनिकासी की क्षमता बढ़ाने की तैयारी है।
घैला, ककौली और अल्लूनगर डिगुरिया की जमीन होगी शामिल
प्रस्तावित टाउनशिप हरदोई-सीतापुर रोड और आईआईएम रोड के आसपास करीब 2,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जानी है। इसके लिए मुख्य रूप से घैला, ककौली और अल्लूनगर डिगुरिया गांवों की जमीन शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में आवासीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मुआवजा मिलेगा या होगी लैंड पूलिंग?
नई टाउनशिप के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया पर एलडीए ने काम शुरू कर दिया है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि किसानों से जमीन सीधे अधिग्रहित की जाएगी या आईटी सिटी की तर्ज पर लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया जाएगा।
एलडीए की आगामी बोर्ड बैठक में इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तय होने के बाद ही किसानों को मिलने वाले लाभ और योजना के क्रियान्वयन की तस्वीर साफ होगी।
प्रति हेक्टेयर 1.11 करोड़ रुपये मुआवजे की संभावना
एलडीए सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यदि किसानों से जमीन खरीदने का विकल्प अपनाया जाता है तो उन्हें करीब 1.11 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिल सकता है। हालांकि, यह अभी संभावित दर है। मुआवजे और भूमि जुटाने की प्रक्रिया पर अंतिम फैसला एलडीए बोर्ड की बैठक में होना है।
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