अयोध्या। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से घोषित सूची में अयोध्या के कई चर्चित नेताओं को जगह मिली है। पूर्व सांसद लल्लू सिंह, पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व मंत्री अनिल तिवारी और मिल्कीपुर के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं। संगठन में मिली इस जिम्मेदारी के बाद जिले की सियासत में आगामी चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अयोध्या के पुराने चेहरों पर संगठन का भरोसा
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में अयोध्या जिले के कई ऐसे नेताओं को शामिल किया गया है, जो अलग-अलग समय पर संगठन और चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इनमें पूर्व सांसद लल्लू सिंह, पूर्व मंत्री अनिल तिवारी, गोसाईगंज के पूर्व विधायक खब्बू तिवारी, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और मिल्कीपुर के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ प्रमुख हैं।
इनके अलावा जिला पंचायत के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष करुणाकर पांडेय, सुनील तिवारी शास्त्री, रामू प्रियदर्शी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, रघुनंदन चौरसिया, पवनेश पांडेय और रविंद्र पटेल को भी प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिला है।
जिले के नेताओं को प्रदेश स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलने से स्थानीय संगठन में उनकी भूमिका पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, कार्यसमिति में शामिल होना संगठनात्मक जिम्मेदारी है और इसे सीधे विधानसभा चुनाव के टिकट से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।
टिकट की चर्चा के बीच खब्बू तिवारी और बाबा गोरखनाथ पर नजर
प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। अयोध्या जिले की विभिन्न विधानसभा सीटों पर भी भाजपा की संभावित रणनीति को लेकर चर्चा होती रही है।
मिल्कीपुर के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ का नाम इस लिहाज से चर्चा में है। वहीं, गोसाईगंज के पूर्व विधायक खब्बू तिवारी और पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय जैसे नेताओं को भी प्रदेश स्तर पर संगठन में जगह मिली है। पूर्व सांसद लल्लू सिंह का अनुभव भी जिले की राजनीति में अहम माना जाता है।
इन नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। फिर भी, भाजपा ने इन नेताओं में से किसी को आगामी विधानसभा चुनाव का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। टिकट का फैसला पार्टी की चुनावी प्रक्रिया और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
548 सदस्य, 30 स्थायी और 134 विशेष आमंत्रित
भाजपा की घोषित प्रदेश कार्यसमिति में 548 सदस्य शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 30 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 134 विशेष आमंत्रित सदस्य भी बनाए गए हैं। इस तरह तीनों श्रेणियों में कुल 712 नेताओं को जगह मिली है।
प्रदेश कार्यसमिति की सूची आगामी संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लखनऊ में 30 और 31 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है।
मिशन-2027 के लिए संगठन की तैयारी
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए अहम राजनीतिक पड़ाव होगा। ऐसे में प्रदेश कार्यसमिति में पुराने और अनुभवी नेताओं को शामिल किए जाने को संगठन को सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। अयोध्या जिले से कई नेताओं की मौजूदगी से स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों और संगठनात्मक समन्वय को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदेश कार्यसमिति में जिम्मेदारी पाने वाले नेता संगठन के कामकाज में किस तरह सक्रिय भूमिका निभाते हैं। साथ ही, आगामी चुनाव में अयोध्या की विधानसभा सीटों पर भाजपा किस रणनीति के साथ उतरती है, यह भी आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, प्रदेश कार्यसमिति में मिली जगह ने जिले की सियासत में इन नेताओं की भूमिका को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
