उरई/दतिया। फरार आरोपी की तलाश में पहुंची उत्तर प्रदेश पुलिस की दबिश के दौरान मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जालौन जिले की कोंच पुलिस रविवार को उड़ीना गांव में नाबालिग किशोरी को भगाकर ले जाने के मामले में आरोपी भूरा गोस्वामी की तलाश करने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी के पिता रामजी गोस्वामी (55) घर की छत से नीचे गिर गए। उनकी मौत के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर धक्का देने का आरोप लगाया है, जबकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
नाबालिग किशोरी को ले जाने के मामले में तलाश
जानकारी के अनुसार, जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के विरगुवां बुजुर्ग गांव की एक महिला ने अपनी 17 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायत की थी। इस मामले में पुलिस ने 16 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया था। आरोप भूरा गोस्वामी पर है, जो मध्य प्रदेश के दतिया जिले के उड़ीना गांव का निवासी बताया गया है।
मामले में आरोपी की तलाश करते हुए कोंच पुलिस की टीम रविवार को उड़ीना गांव पहुंची। पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंचकर उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान रामजी गोस्वामी के छत से गिरने की घटना हुई। उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया धक्का देने का आरोप
रामजी गोस्वामी की मौत के बाद उनके परिजनों ने कोंच पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रामजी को धक्का दिया, जिससे वह छत से नीचे गिर गए। परिजनों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, घटना को लेकर सामने आए विवरणों में बताया गया है कि पुलिस को देखकर रामजी छत की ओर गए और नीचे गिर पड़े। हालांकि, वह किन परिस्थितियों में गिरे और क्या उस समय पुलिसकर्मियों के साथ कोई धक्का-मुक्की हुई थी, यह जांच का विषय है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर मौत के लिए किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस टीम को घेरने की कोशिश
बुजुर्ग की मौत की खबर फैलते ही गांव में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया और वहां से निकलने की कोशिश कर रही पुलिस टीम को रोकने का प्रयास किया। घटना के बाद पुलिसकर्मी मौके से रवाना हो गए।
मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई। घटना मध्य प्रदेश के दतिया जिले के उड़ीना गांव की है, जबकि आरोपी की तलाश में उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कोंच पुलिस पहुंची थी। ऐसे में घटना के तथ्यों की पड़ताल और दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।
जांच से स्पष्ट होंगी मौत की परिस्थितियां
रामजी गोस्वामी की मौत के मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि वह छत से किन परिस्थितियों में गिरे। परिजनों के आरोपों, मौके पर मौजूद लोगों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकता है। पोस्टमार्टम और अन्य जांच संबंधी निष्कर्ष भी मृत्यु की परिस्थितियों को समझने में अहम होंगे।
फिलहाल पुलिस पर लगाए गए आरोपों को जांच में साबित होना बाकी है। वहीं, नाबालिग किशोरी को ले जाने के मामले में फरार बताए जा रहे भूरा गोस्वामी की तलाश इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि है। रामजी गोस्वामी की मौत ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि घटना महज छत से गिरने का हादसा थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति रही।
