बलरामपुर। जिले में बैनामा नामांतरण और दाखिल-खारिज की ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध जारी है। जिलाधिकारी के कार्यव्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं ने सांकेतिक रूप से सड़क जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना व्यवस्था को लेकर सहमति नहीं बन सकती।
विरोध के बीच जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से अधिवक्ताओं से वार्ता कर समस्या का समाधान किए जाने के संबंध में प्रेस नोट भी जारी किया गया। हालांकि, अधिवक्ताओं के मुताबिक, वार्ता में कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका। इसके बाद आंदोलन जारी रखने की बात सामने आई है।
ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर नाराजगी
अधिवक्ताओं का विरोध बैनामा नामांतरण और दाखिल-खारिज की ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर है। इस व्यवस्था के संचालन और उससे जुड़ी समस्याओं पर अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ बातचीत जरूरी है, लेकिन समाधान उनकी मांगों को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों और अधिवक्ता हितों से जुड़े मुद्दों को उठाया। सांकेतिक सड़क जाम और धरना-प्रदर्शन के जरिए उन्होंने प्रशासन तक अपनी नाराजगी पहुंचाने का प्रयास किया।
शर्तों पर होगी वार्ता: मृगेंद्र उपाध्याय
जिला युवा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रशासन के साथ जो भी वार्ता होगी, वह अधिवक्ताओं की शर्तों पर होगी। उनके बयान से स्पष्ट है कि अधिवक्ता संगठन अपनी मांगों पर चर्चा और समाधान को लेकर अपनी शर्तों पर कायम हैं।
वहीं, दी कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश्वर सिंह और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुर्तजा खान भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके साथ अन्य अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता हितों से जुड़े मुद्दे उठाए।
प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच समाधान का इंतजार
प्रशासन की ओर से वार्ता के जरिए समाधान किए जाने का दावा किया गया, लेकिन अधिवक्ताओं ने बातचीत को सकारात्मक नहीं माना। ऐसे में ऑनलाइन नामांतरण और दाखिल-खारिज व्यवस्था को लेकर बना विवाद फिलहाल जारी है।
अब आगे की स्थिति प्रशासन और अधिवक्ता संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी। फिलहाल अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखा है और समाधान के लिए अपनी शर्तें रखी हैं।
