सोनभद्र। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी से कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शक्तिनगर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपी की 23 लाख 86 हजार रुपये मूल्य की आवासीय संपत्ति फ्रीज कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह संपत्ति नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदी गई थी। संबंधित संपत्ति पर फ्रीजिंग आदेश का नोटिस भी चस्पा किया गया है।
इस कार्रवाई के साथ सोनभद्र में मादक पदार्थों से जुड़े छह मामलों में अब तक कुल 5 करोड़ 56 लाख 25 हजार 695 रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
दीपक कुमार भारती की संपत्ति पर कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, ताजा कार्रवाई शक्तिनगर थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 20/2026 से संबंधित है। इस मामले में अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज निवासी दीपक कुमार भारती की 23,86,000 रुपये मूल्य की आवासीय संपत्ति फ्रीज की गई है।
संपत्ति फ्रीज करने का आदेश 21 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ था। सक्षम प्राधिकारी एवं न्यायनिर्णायक प्राधिकारी, नई दिल्ली से अनुमोदन मिलने के बाद 24 अक्टूबर को संबंधित संपत्ति पर आदेश का नोटिस चस्पा किया गया।
यह कार्रवाई एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 68-एफ के तहत की गई है। इस कानूनी प्रावधान के अंतर्गत मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित मानी जाने वाली संपत्तियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत फ्रीज किया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अनपरा और शक्तिनगर थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले भी मामले दर्ज हैं। हालांकि, किसी मामले में आरोप दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक के दिशा-निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भूमिका निभाई।
कार्रवाई के दौरान शक्तिनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र राय और पिपरी थानाध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने संबंधित संपत्ति पर फ्रीजिंग आदेश का नोटिस चस्पा कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
छह मामलों में 5.56 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई
सोनभद्र पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक छह मामलों में कुल 5,56,25,695 रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है। इन मामलों में रॉबर्ट्सगंज, अनपरा, शक्तिनगर और म्योरपुर थाना क्षेत्रों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं।
रॉबर्ट्सगंज के दो मामलों में 4.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई की गई है। अनपरा के एक मामले में करीब 26.62 लाख रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई। शक्तिनगर के दो मामलों में कुल मिलाकर करीब 39.58 लाख रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई हुई है। वहीं, म्योरपुर के एक मामले में 38.83 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई।
ताजा कार्रवाई में शक्तिनगर क्षेत्र की 23.86 लाख रुपये की आवासीय संपत्ति शामिल है। इन सभी मामलों को मिलाकर जिले में मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों में संपत्तियों के विरुद्ध कार्रवाई का कुल आंकड़ा 5.56 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है।
संपत्ति फ्रीज करने का क्या है उद्देश्य?
मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और मुकदमे तक सीमित नहीं रहती। कानून के तहत, कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
संपत्ति फ्रीज किए जाने का अर्थ है कि संबंधित संपत्ति के हस्तांतरण या उसके साथ अन्य लेनदेन पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाता है। इससे संपत्ति को आगे बेचने या स्थानांतरित करने से रोकने में मदद मिलती है। ऐसी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अधीन होती है।
सोनभद्र में लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाई से पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक स्रोतों पर भी नजर रख रही है। पुलिस का कहना है कि नशे की तस्करी और उससे जुड़ी संपत्तियों के मामलों में वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
फिलहाल, शक्तिनगर में 23.86 लाख रुपये की आवासीय संपत्ति फ्रीज किए जाने की कार्रवाई जिले में संपत्ति संबंधी कार्रवाई के छह मामलों का हिस्सा है। आगे की प्रक्रिया संबंधित मामले और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुसार चलेगी।
