लखनऊ। राजधानी में डेंगू के नए मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को शहर में 22 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चंदरनगर और अलीगंज में पांच-पांच, इंदिरानगर में छह और चिनहट में दो मरीज मिले। इसके अलावा ऐशबाग, सरोजनीनगर, एनके रोड और रेडक्रॉस क्षेत्र में एक-एक मरीज सामने आया।
नए मरीजों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में सर्वेक्षण, दवा वितरण और लोगों को जागरूक करने की गतिविधियां जारी रखीं। फैजुल्लागंज क्षेत्र के मिल्लतनगर की कच्ची ढाल और कृष्णलोक नगर में 110 घरों का स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान लोगों को आवश्यक दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस पैकेट वितरित किए गए। लोगों को साफ-सफाई रखने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की जानकारी भी दी गई।
इंदिरानगर और अलीगंज में भी मिले मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नए मामलों में इंदिरानगर में छह और अलीगंज में पांच मरीज मिले हैं। चंदरनगर में भी पांच लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं, चिनहट में दो और ऐशबाग, सरोजनीनगर, एनके रोड तथा रेडक्रॉस क्षेत्र में एक-एक मरीज सामने आया।
इन सभी क्षेत्रों को मिलाकर गुरुवार को मिले नए मरीजों की संख्या 22 रही। अलग-अलग इलाकों में मामले सामने आने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और बचाव गतिविधियों की जरूरत बनी हुई है।
डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए केवल मरीजों का उपचार ही नहीं, बल्कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना भी महत्वपूर्ण है। घरों और आसपास जमा पानी में मच्छर पनप सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को पानी जमा न होने देने और नियमित साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक कर रही हैं।
फैजुल्लागंज में 110 घरों का सर्वेक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह के निर्देश पर फैजुल्लागंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वेक्षण अभियान चलाया। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फैजुल्लागंज की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आसमा के नेतृत्व में आशा और एएनएम की टीम ने मिल्लतनगर की कच्ची ढाल और कृष्णलोक नगर में 110 घरों का सर्वेक्षण किया।
सर्वेक्षण के दौरान लोगों को आवश्यक दवाएं, क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए गए। साथ ही, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। ऐसे सर्वेक्षणों का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का पता लगाना और उन्हें समय पर जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में 108 एंबुलेंस की 24 घंटे तैनाती की व्यवस्था भी की है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को चिकित्सा सहायता मिल सके।
मोबाइल मेडिकल यूनिट ने 63 लोगों को दिया उपचार
स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट ने भी विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों को उपचार उपलब्ध कराया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिल्लतनगर की कच्ची ढाल में 32 और परागी मंदिर क्षेत्र में 31 लोगों को चिकित्सा सुविधा दी गई। इस तरह कुल 63 लोगों ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से उपचार प्राप्त किया।
प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव और व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य असामान्य लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए।
मच्छरों से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों, छतों, आंगन और आसपास के इलाकों में पानी जमा न होने दें। कूलर, गमलों, पुराने टायरों, खुले बर्तनों और अनुपयोगी कंटेनरों में जमा पानी को नियमित रूप से साफ करें। पानी की टंकियों और भंडारण वाले बर्तनों को ढककर रखें।
मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनना और जरूरत के अनुसार मच्छररोधी उपाय अपनाना भी उपयोगी है। घरों तथा आसपास नियमित सफाई रखने से मच्छरों के पनपने की संभावनाओं को कम किया जा सकता है।
फिलहाल, लखनऊ में गुरुवार को 22 नए डेंगू मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित इलाकों में सर्वेक्षण, दवा वितरण और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है। आने वाले दिनों में नए मामलों की संख्या और रोकथाम अभियान की स्थिति पर नजर रहेगी।
