हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की राठ गल्ला मंडी परिषद में फसल की बिक्री के दौरान कथित घटतौली और बोरियों की किस्मों को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज किसानों ने बुधवार को मंडी के सामने राठ-महोबा राजमार्ग पर जाम लगा दिया। अचानक लगे जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया।
किसानों के इस प्रदर्शन के कारण राजमार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोल दिया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
फसल बिक्री के दौरान सामने आया विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, राठ स्थित गल्ला मंडी परिषद में किसान अपनी फसल बेचने पहुंचे थे। इसी दौरान फसल की तौल में कथित घटतौली और बोरियों की किस्मों को लेकर नाराजगी सामने आई। किसानों ने इन मुद्दों पर विरोध जताते हुए मंडी के सामने राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
फसल की बिक्री किसानों की आय से सीधे जुड़ा मामला है। ऐसे में तौल को लेकर उठने वाली शिकायतें किसानों के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं। किसानों की नाराजगी के बीच राजमार्ग पर जाम लगने से मामला मंडी परिसर से बाहर निकलकर सड़क यातायात तक पहुंच गया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कथित घटतौली की मात्रा, प्रभावित किसानों की संख्या और बोरियों की किस्मों को लेकर हुए विवाद का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
डेढ़ घंटे तक थमा रहा यातायात
मंडी के सामने किसानों द्वारा जाम लगाए जाने के बाद राठ-महोबा राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले लोगों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई। राजमार्ग पर यातायात बाधित होने का असर यात्रियों और राहगीरों पर भी पड़ा।
जाम के चलते जरूरी काम से निकले लोगों को भी इंतजार करना पड़ा। विशेष रूप से मरीजों को लेकर जाने वाले वाहनों और अन्य जरूरी यात्राओं पर निकले लोगों के लिए ऐसी स्थिति परेशानी बढ़ा सकती है। हालांकि, इस घटना में किसी मरीज के उपचार में देरी या किसी अन्य गंभीर नुकसान की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
करीब डेढ़ घंटे तक चले इस जाम ने मंडी में फसल बिक्री से जुड़े विवाद के समाधान की जरूरत को सामने रखा। किसानों की शिकायतों पर समय रहते सुनवाई और स्थिति स्पष्ट करने से ऐसे विवादों को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ
जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम राठ चित्रा निर्वाल और क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने राजमार्ग से जाम हटा लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और बातचीत के बाद यातायात बहाल होने का रास्ता साफ हुआ। हालांकि, किसानों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई तय हुई, घटतौली के आरोपों की जांच होगी या नहीं और बोरियों की किस्मों से जुड़ी समस्या का समाधान कैसे किया जाएगा, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अब शिकायतों के समाधान पर नजर
राठ गल्ला मंडी में हुए इस विरोध के बाद किसानों की मुख्य मांगों और शिकायतों के निस्तारण पर नजर रहेगी। फसल की सही तौल और बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता किसानों के हित से जुड़े अहम मुद्दे हैं। यदि तौल में गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल, अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हो गया और राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया। लेकिन कथित घटतौली और बोरियों की किस्मों को लेकर किसानों की नाराजगी का स्थायी समाधान हुआ है या नहीं, यह संबंधित शिकायतों पर आगे होने वाली कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा।